Jharkhand News: झारखंड के सरकारी, निजी और पीपीपी (PPP) मोड पर चलने वाले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में नए शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए दाखिले की शुरुआत हो चुकी है. श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए यह एक बेहतरीन मौका है.
25 जून तक खुला रहेगा पोर्टल, इस तारीख को आएगी मेरिट लिस्ट
नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थी 1 जून से लेकर 25 जून 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन दर्ज करा सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद विभाग की ओर से 29 जून 2026 को दोपहर 12 बजे औपबंधिक मेधा सूची (प्रोविजनल मेरिट लिस्ट) जारी कर दी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की चयन प्रक्रिया पूरी होगी.
8वीं और 10वीं पास के लिए अलग-अलग ट्रेड, स्थानीय होना जरूरी
विभागीय गाइडलाइन के मुताबिक, 8वीं उत्तीर्ण उम्मीदवार वायरमैन, मेशन (बिल्डिंग कंस्ट्रक्टर), वेल्डर, प्लम्बर, पेंटर जनरल और सीविंग टेक्नोलॉजी जैसे चुनिंदा ट्रेड चुन सकते हैं. इसके अलावा बाकी के सभी तकनीकी ट्रेडों में दाखिला पाने के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना अनिवार्य है. साथ ही, आवेदक के पास झारखंड का स्थायी निवासी प्रमाणपत्र होना भी आवश्यक है.
उम्र सीमा और आवेदन के नियम तय
दाखिले के लिए उम्र की सीमा भी निर्धारित की गई है, जिसके तहत 1 अगस्त 2026 को छात्र की कम से कम उम्र 14 वर्ष और ज्यादा से ज्यादा 40 वर्ष होनी चाहिए. फॉर्म भरते समय अभ्यर्थियों को यह ध्यान रखना होगा कि वे न्यूनतम 10 और अधिकतम 30 संस्थानों या ट्रेडों के विकल्पों का चयन जरूर करें. इसके साथ ही विभाग ने हिदायत दी है कि जब तक पढ़ाई पूरी नहीं हो जाती और नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (NTC) नहीं मिल जाता, तब तक छात्र अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बिल्कुल न बदलें.
नियमों के तहत मिलेगा आरक्षण का लाभ
इस पूरी प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों का पूरा ध्यान रखा जाएगा. सफल अभ्यर्थियों को जिला आरक्षण रोस्टर और झारखंड सरकार के वर्तमान नियमों के आधार पर ही सीटों का आवंटन किया जाएगा.
सहायता के लिए हेल्पलाइन और पोर्टल तैयार
आवेदन करने या अन्य विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए उम्मीदवार राज्य के आधिकारिक आईटीआई पोर्टल की मदद ले सकते हैं. यदि फॉर्म भरने में कोई तकनीकी दिक्कत या समस्या आती है, तो पोर्टल पर दिए गए ग्रिवांस सेक्शन (शिकायत निवारण) में अपनी बात रखी जा सकती है. इसके अलावा, छात्रों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर भी सीधे संपर्क साधा जा सकता है.