Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों के संबंध टीएमसी की पूर्व विधायक लवली मैत्रा से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। इस खुलासे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई है। वहीं, घटना को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।
हमले के आरोप में गिरफ्तार पांच लोगों की पहचान सामने आई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने घटना के वायरल वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तपन मैती, निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास, देबासिस दत्ता और आकाश गायन के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया है कि इनमें से कई आरोपी टीएमसी की पूर्व विधायक लवली मैत्रा के करीबी माने जाते हैं। बताया जा रहा है कि निर्मल्य सेनगुप्ता और तपन मैती का लवली मैत्रा से निकट संबंध रहा है। वहीं काजल दास और देबासिस दत्ता के भी पूर्व विधायक से जुड़े होने की बात कही जा रही है।
कौन हैं लवली मैत्रा जिनका नाम चर्चा में आया
लवली मैत्रा वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोनारपुर दक्षिण सीट से विधायक चुनी गई थीं। हालिया विधानसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया था। हालांकि इस बार उन्हें भाजपा उम्मीदवार रूपा गांगुली के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
अब हमले के मामले में गिरफ्तार कुछ लोगों के उनके करीबी बताए जाने के बाद यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।
आकाश गायन को लेकर परिवार ने उठाए सवाल
गिरफ्तार आरोपियों में आकाश गायन का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। उसके परिवार का दावा है कि वह लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता रहा है और चुनाव के दौरान नियमित रूप से बूथ स्तर की बैठकों में भाग लेता था।
आकाश की मां के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर में वह सामान्य तरीके से घर लौटा था। घर पर खाना खाने के बाद वह फुटबॉल खेलने के लिए मैदान चला गया। बाद में रात के समय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
परिवार का आरोप है कि अब तक पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है, जिससे उनके मन में कई सवाल बने हुए हैं।
चुनावी हिंसा में मारे गए कार्यकर्ता के घर गए थे अभिषेक बनर्जी
जानकारी के अनुसार, शनिवार को अभिषेक बनर्जी चुनावी हिंसा में जान गंवाने वाले एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर पहुंचे थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने उनके काफिले की ओर अंडे और पत्थर फेंके। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बचाने के लिए हेलमेट पहनाया। इसके बावजूद कुछ लोगों ने उनके करीब पहुंचकर धक्का मुक्की और मारपीट की कोशिश की।
घटना के दौरान उनकी शर्ट भी फट गई थी। हालांकि इसके बाद भी अभिषेक बनर्जी कार्यक्रम से पीछे नहीं हटे और मृत कार्यकर्ता के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की।
हमले को लेकर टीएमसी और भाजपा आमने सामने
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने हमले के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया। अभिषेक बनर्जी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे सुनियोजित हमला बताया। दूसरी ओर भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया। पार्टी का कहना है कि यह किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य में पिछले कई वर्षों से लोगों के भीतर जमा असंतोष और नाराजगी का परिणाम है।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कथित राजनीतिक संबंधों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।