Jharkhand News: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी ने पश्चिम बंगाल के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर भाजपा पर तीखा निशाना साधा है. जामताड़ा में आयोजित एक सड़क शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्षी नेताओं की सुरक्षा और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई.
मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी जीत और हार सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के नाम पर हिंसा को किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी के साथ हुई कथित घटना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करती है.
इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
डॉ. अंसारी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के साथ न केवल अमानवीय व्यवहार किया गया, बल्कि उनके इलाज में भी गंभीर लापरवाही बरती गई. उन्होंने कहा कि संबंधित अस्पताल राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और भय के माहौल के कारण मरीज को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं.
उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्वमुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपील करते हुए कहा कि यदि वहां विपक्षी नेताओं की सुरक्षा को लेकर कोई आशंका है, तो अभिषेक बनर्जी को झारखंड भेज दिया जाए. झारखंड सरकार उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा और पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए तैयार है.
विपक्षी नेताओं की सुरक्षा पर उठाए सवाल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेताओं पर कथित हमलों की घटनाएं लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं. उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना होती है, लेकिन यदि विपक्षी नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है तो यह गंभीर मामला है.
भाजपा को घेरने के लिए विपक्षी एकता पर जोर
डॉ. अंसारी ने झारखंड और बिहार के चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी राजनीतिक मुकाबले और सत्ता परिवर्तन हुए, लेकिन इस तरह की हिंसक घटनाओं की चर्चा सामने नहीं आई. उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रभावी मुकाबला करने के लिए सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर आना होगा.
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है. कार्यक्रम में कांग्रेस की जिला अध्यक्ष दीपिका बेसरा, स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे.