Adityapur: आदित्यपुर फुटबॉल मैदान परिसर स्थित खाली भवन को रेड क्रॉस सोसाइटी को सौंपे जाने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रवासियों, खेल प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि इस फैसले से क्षेत्र के खिलाड़ियों और बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
बच्चों और खिलाड़ियों के लिए मैदान ही एकमात्र विकल्प
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आदित्यपुर फुटबॉल मैदान क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के लिए खेलकूद का प्रमुख और लगभग एकमात्र स्थान है। लोगों को आशंका है कि यदि मैदान परिसर का भवन रेड क्रॉस को सौंप दिया गया तो भविष्य में धीरे-धीरे पूरे मैदान का स्वरूप बदल सकता है, जिससे खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध स्थान सीमित हो जाएगा।
निर्णय से पहले जनता को भरोसे में नहीं लेने का आरोप
विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने इतना महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले स्थानीय नागरिकों, खेल संगठनों और जनप्रतिनिधियों से कोई राय-मशविरा नहीं किया। उनका कहना है कि जनता की भागीदारी के बिना लिया गया यह फैसला पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
उपायुक्त पर अभद्र व्यवहार का आरोप
समाजसेवी रबिन्द्र बास्के और अन्य स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त से मिलने और ज्ञापन सौंपने पहुंचे, तब उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। हालांकि इस आरोप पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
"शहर में कई अन्य सरकारी भवन मौजूद"
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब शहर में कई अन्य सरकारी भवन और खाली जमीन उपलब्ध हैं, तो रेड क्रॉस के लिए खेल मैदान परिसर के भवन का ही चयन क्यों किया गया। उनका कहना है कि खेल गतिविधियों से जुड़े स्थानों को संरक्षित किया जाना चाहिए, न कि उनका अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन चलाने तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की भी बात कही है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में हस्तक्षेप करने और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि खेल मैदानों को बचाने के लिए सरकार को तत्काल पहल करनी चाहिए।
विरोध प्रदर्शन में रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में समाजसेवी रबिन्द्र बास्के, मांझी बाबा कुंजू सोरेन, हरिमोहन टुडू, राम हांसदा, शंकर मार्डी, दीपक सोरेन, धनंजय महतो, सुधाकर, महेश, सतीश जमुदा, सुनील तमाड़ समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले पर जिला प्रशासन और रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। क्षेत्रवासियों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।