Indigo Q4 Results: इंडिगो की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation ने वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में 2,537 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 3,067.5 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, लेकिन इस बार नतीजों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
आय में मामूली बढ़ोतरी, लेकिन मुनाफे पर दबाव बरकरार
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, तिमाही के दौरान कंपनी की ऑपरेशंस से आय सालाना आधार पर 1 प्रतिशत बढ़कर 22,438 करोड़ रुपये रही, जो एक वर्ष पहले 22,152 करोड़ रुपये थी। हालांकि राजस्व में वृद्धि के बावजूद लाभप्रदता पर दबाव बना रहा और कंपनी घाटे में पहुंच गई।
वन-टाइम चार्ज का असर, EBITDA बढ़ा लेकिन मार्जिन घटा
कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान 250 करोड़ रुपये के वन-टाइम चार्ज का भी असर पड़ा। इस अवधि में EBITDA बढ़कर 6,396 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष 5,953 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद EBITDA मार्जिन 27.5 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 3.6 प्रतिशत रह गया, जबकि EBITDAR मार्जिन बढ़कर 28.5 प्रतिशत हो गया।
मध्य पूर्व संकट के बीच क्षमता बढ़ी, यात्री संख्या घटी
एयरलाइन ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से परिचालन प्रभावित होने के बावजूद उसकी क्षमता (ASK) में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 43.6 बिलियन उपलब्ध सीट किलोमीटर तक पहुंच गई। हालांकि यात्री संख्या में 1.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 31.6 मिलियन रही।
चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल ने बढ़ाई मुश्किलें
नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए Rahul Bhatia ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए गंभीर परिचालन चुनौतियों से भरा रहा, जिसका लाभप्रदता पर बड़ा असर पड़ा। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद एयरलाइन का मुख्य कारोबार मजबूत बना हुआ है, लेकिन चुनौतीपूर्ण ऑपरेटिंग माहौल ने मुनाफे को प्रभावित किया।