Ranchi News: राजधानी रांची में बिजली आपूर्ति को और बेहतर बनाने के लिए दो नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है. कोकर और जामचुआं में तैयार किए जा रहे इन उपकेंद्रों के शुरू होने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. विभाग का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी.
कोकर क्षेत्र के 30 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
बिजली विभाग के अनुसार कोकर उपकेंद्र से 10 एमवीए क्षमता के साथ बिजली आपूर्ति की जाएगी. इसका लाभ कोकर, लालपुर, बरियातू, खोरहाटोली, तिरिल, भाभा नगर, इंडस्ट्रियल एरिया, सुभाष चौक, पीस रोड और आसपास के कई घनी आबादी वाले इलाकों को मिलेगा. अनुमान है कि इस परियोजना से करीब 30 हजार से ज्यादा लोगों को बेहतर बिजली सेवा का फायदा होगा.
लो-वोल्टेज और बार-बार कटने वाली बिजली से राहत
नए उपकेंद्रों के संचालन के बाद उपभोक्ताओं को लंबे समय से चली आ रही कई समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है. खासकर कम वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और एक फेज में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी दिक्कतों में कमी आएगी. गर्मी के मौसम में बढ़े हुए बिजली भार के कारण जिन इलाकों में अक्सर आपूर्ति बाधित होती थी, वहां स्थिति पहले से अधिक सुचारू होने की संभावना है.
ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे उद्योगों को भी होगा फायदा
जामचुआं में तैयार हो रहा दूसरा उपकेंद्र भी 10 एमवीए क्षमता का होगा. इसके शुरू होने से आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहतर होगी. साथ ही रामपुर और जामचुआं क्षेत्र में संचालित छोटे और मध्यम उद्योगों को भी निर्बाध बिजली मिलने से उत्पादन कार्यों में सुविधा होगी.
स्मार्ट ग्रिड से बढ़ी राजधानी की बिजली क्षमता
शहर की बढ़ती बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट सिटी क्षेत्र में स्थापित स्मार्ट ग्रिड को भी सक्रिय कर दिया गया है. इस ग्रिड के माध्यम से रांची को अतिरिक्त 35 मेगावाट बिजली मिल रही है. विभाग का कहना है कि गर्मी के दौरान बढ़ते लोड को संभालने में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और राजधानी की बिजली आपूर्ति को पहले से अधिक मजबूत बना रही है.
उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने का लक्ष्य
बिजली विभाग का कहना है कि नए उपकेंद्र और स्मार्ट ग्रिड मिलकर रांची की बिजली व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाएंगे. इससे न केवल शहरी क्षेत्रों बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सकेगी और भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी.