Ranchi: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को हुनरमंद बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा, जब वह सतत, समावेशी और रोजगारोन्मुखी हो। युवाओं को ऐसा कौशल मिलना चाहिए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और देश के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
HVAC स्किलिंग एवं इंटर्नशिप सेंटर का हुआ उद्घाटन
रांची के खूँटी रोड स्थित सत्येन्द्र नारायण सिन्हा एजुकेशनल ट्रस्ट परिसर में आयोजित HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन एवं एयर कंडीशनिंग) स्किलिंग एवं इंटर्नशिप सेंटर के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के पास तकनीकी कौशल और व्यावहारिक ज्ञान है, तो वह हर परिस्थिति में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य झारखंड के युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
तकनीकी शिक्षा के साथ स्किलिंग भी जरूरी : डी.के. सिंह
कार्यक्रम में डी.के. सिंह ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट आज की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग, डिप्लोमा और आईटीआई पाठ्यक्रमों में एक सेमेस्टर विशेष रूप से स्किल डेवलपमेंट और इंटर्नशिप के लिए निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सेंटर विद्यार्थियों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा। साथ ही आश्वासन दिया कि राज्य के अधिक से अधिक तकनीकी संस्थानों को इस पहल से जोड़ा जाएगा, ताकि छात्र अपने अनिवार्य स्किलिंग और इंटर्नशिप कार्यक्रम को यहां पूरा कर सकें।
भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षित युवाओं की बढ़ रही मांग
ट्रस्ट के अध्यक्ष सुबोध कुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ग्रीन एनर्जी, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उद्योग आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देना आवश्यक है।
डिग्री अवसर देती है, सफलता कौशल से मिलती है
भारतीय ग्रामीण विकास टोली के सदस्य सिद्धनाथ ने कहा कि डिग्री अवसर प्रदान करती है, लेकिन सफलता हासिल करने के लिए कौशल सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से बदलते औद्योगिक परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।
HVAC सेक्टर में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
कार्यक्रम में डाइकिन कंपनी के प्रतिनिधियों ने HVAC क्षेत्र में रोजगार की बढ़ती संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ऐसे में युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ना बेहद जरूरी है।
पहले बैच के 35 से अधिक विद्यार्थियों ने पूरा किया प्रशिक्षण
बता दें कि अक्टूबर 2025 में शुरू किए गए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले बैच में 35 से अधिक विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। अब दूसरे बैच की शुरुआत की जा रही है। इसी क्रम में आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए विशेष इंटर्नशिप स्किलिंग प्रोग्राम भी शुरू किया गया है। इसके तहत छात्रों को HVAC क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और इंडस्ट्री एक्सपोजर प्रदान किया जाएगा, जिससे वे रोजगार बाजार में अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।