Ranchi News : झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा को लेकर सियासत तेज हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और बाबूलाल मरांडी पर FIR कराने की चेतावनी के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा चला रही कंपनी सम्मान फाउंडेशन के साथ इकरारनामा रद्द करना केवल दिखावटी कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
तुष्टिकरण और वित्तीय गड़बड़ी का लगाया आरोप
मरांडी ने कहा कि पूरे मामले में पहले से ही तुष्टिकरण, कमीशनखोरी और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पिछले वर्ष ही सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि अब CAG रिपोर्ट में करोड़ों रुपये की गड़बड़ियों का खुलासा होने के बाद केवल कंपनी पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री और अफसरों की भूमिका की जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि CAG रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मरीजों को हुई परेशानी का भी उठाया मुद्दा
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान में लापरवाही, फर्जी बिलिंग, आर्थिक शोषण और वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवा की बदहाल स्थिति के कारण राज्य के कई इलाकों में मरीजों को खटिया, ठेला और निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाना पड़ा। मरांडी ने कहा कि भाजपा और कई सामाजिक संगठनों ने लगातार एम्बुलेंस सेवा में सुधार की मांग उठाई, लेकिन सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। अब पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।