Assam News: असम के ग्वालपाड़ा जिले के गोरैमारी इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से तीन लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि टैंक के अंदर जहरीली गैस भर गई थी और ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई थी. इसी कारण तीनों की हालत बिगड़ गई. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है. मृतकों की पहचान कृष्ण दास, विष्णु दास और यशोक राभा के रूप में हुई है.
एक को बचाने उतरे दो लोग भी नहीं बच सके
स्थानीय लोगों के मुताबिक सबसे पहले एक व्यक्ति सेप्टिक टैंक के अंदर सफाई के लिए उतरा था. काफी देर तक बाहर नहीं आने पर दो अन्य लोग उसे बचाने के लिए टैंक में गए. लेकिन टैंक के भीतर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी भी तबीयत बिगड़ गई. कुछ ही देर में तीनों बेहोश होकर अंदर गिर पड़े.
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की गई. हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी. हादसे के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई और लोगों में डर का माहौल बन गया.
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. police यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सफाई कार्य के दौरान जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं.
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि सेप्टिक टैंक के भीतर जहरीली गैस जमा थी और ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम था. इसी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर सेप्टिक टैंक और सीवर सफाई कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे खतरनाक कामों के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, गैस जांच मशीन और ऑक्सीजन सपोर्ट जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है.
लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे यह दिखाते हैं कि कई जगहों पर अब भी सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है. इसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है.
ग्वालपाड़ा की यह घटना केवल एक हादसा नहीं बल्कि सुरक्षा लापरवाही की गंभीर चेतावनी भी है. सेप्टिक टैंक और सीवर सफाई जैसे जोखिम भरे कामों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना बेहद जरूरी है. ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके.