Jharkhand: डॉ. इरफान अंसारी ने ईद-अल-अज़हा (बकरीद) के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों, झारखंडवासियों, विशेष रूप से जामताड़ा एवं देवघरवासियों को दिली मुबारकबाद और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बकरीद का त्योहार त्याग, बलिदान, प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। यह पर्व इंसान को अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज, मानवता और जरूरतमंदों के लिए कुर्बानी देने की प्रेरणा देता है।
हजरत इब्राहिम की कुर्बानी को बताया प्रेरणा
उन्होंने कहा कि हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी हमें सच्चाई, ईमान और इंसाफ के रास्ते पर चलने की सीख देती है। हर बड़ी परीक्षा का सामना धैर्य और सच्चाई के साथ करना ही इस पर्व का मूल संदेश है। डॉ. अंसारी ने कहा कि कुर्बानी केवल जानवर की नहीं होती, बल्कि अपने अंदर की बुराइयों नफरत, लालच, अहंकार और अन्याय को खत्म करने का भी संदेश देती है। यही बकरीद की असली रूह है।
सामाजिक सौहार्द और भाईचारे पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी प्रेम, सामाजिक सौहार्द और एक-दूसरे की मदद करने की भावना को मजबूत करता है। सभी लोगों को मिल-जुलकर शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई।
एसएआर प्रक्रिया को लेकर जताई चिंता
इस अवसर पर डॉ. इरफान अंसारी ने झारखंडवासियों से एक महत्वपूर्ण अपील भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा एसएआर प्रक्रिया लागू कर आदिवासी एवं मुस्लिम मतदाताओं का नाम वोटर सूची से काटने की साजिश की जा रही है। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य गरीब, मजदूर, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करना है।
दूसरे राज्यों में रह रहे लोगों से घर लौटने की अपील
उन्होंने राज्य के उन लोगों से आग्रह किया जो रोजगार और मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में रह रहे हैं कि वे जल्द से जल्द अपने घर झारखंड लौटें और सुनिश्चित करें कि उनका तथा उनके परिवार का नाम वोटर सूची में सुरक्षित रूप से दर्ज हो।
उन्होंने दावा किया कि कई परिवारों में 10 लोगों में से 4-5 लोगों के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ एक खतरनाक साजिश है।
अधिकारों पर असर पड़ने की जताई आशंका
डॉ. अंसारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम वोटर आईडी, आधार या सरकारी रिकॉर्ड से हटाया जाता है, तो भविष्य में उसे घुसपैठिया बताकर उसके अधिकार छीने जा सकते हैं। इससे जमीन-जायदाद, बैंक खाता, सरकारी सुविधाएं और अन्य नागरिक अधिकार भी प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने लोगों से एसएआर प्रक्रिया में गंभीरता से भाग लेने और अपने परिवार, समाज एवं गांव-मोहल्ले के हर व्यक्ति का नाम पुनः सत्यापित कराने की अपील की।
जागरूकता फैलाने की अपील
उन्होंने कहा कि सभी लोगों ने मिलकर अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई को मजबूत बनाया है, इसलिए इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
अंत में दी बकरीद की शुभकामनाएं
अंत में डॉ. इरफान अंसारी ने एक बार फिर सभी को ईद-अल-अज़हा (बकरीद) की ढेरों मुबारकबाद दी और दुआ की कि अल्लाह तआला सभी की जिंदगी में अमन, खुशहाली और बरकत अता फरमाए।