National News: देश की न्यायपालिका में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सर्वोच्च न्यायालय में पांच नए जजों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी है. यह फैसला कॉलेजियम की 22 मई और 27 मई को हुई महत्वपूर्ण बैठकों में लिया गया. इन नामों को लेकर अब अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद होगा.
पांच वरिष्ठ न्यायिक हस्तियों के नाम पर बनी सहमति
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जिन पांच नामों की अनुशंसा की है, उनमें अलग अलग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ शामिल हैं. इस सूची में झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस और वर्तमान में मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस चंद्रशेखर का नाम प्रमुख रूप से शामिल है.
इसके अलावा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा, जम्मू कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण पल्ली और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना के नाम की भी सिफारिश की गई है.
न्यायपालिका में अनुभव और वरिष्ठता को दी गई प्राथमिकता
कॉलेजियम की ओर से जिन नामों को आगे बढ़ाया गया है, वे सभी न्यायिक और कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव वाले माने जाते हैं. इनमें कई जज अलग अलग हाईकोर्ट में अहम मामलों की सुनवाई कर चुके हैं, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना भी संवैधानिक और महत्वपूर्ण मामलों में अपनी मजबूत कानूनी पकड़ के लिए पहचाने जाते हैं.
कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में इन नियुक्तियों से न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी और लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आने की उम्मीद है.
सरकार की मंजूरी के बाद पूरी होगी नियुक्ति प्रक्रिया
कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया है. सरकार की मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ इन नियुक्तियों को आधिकारिक रूप दिया जाएगा. सुप्रीम Court में जजों की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम की सिफारिश को न्यायपालिका में बेहद अहम माना जाता है.
इन नियुक्तियों पर अब पूरे देश की कानूनी और न्यायिक समुदाय की नजर बनी हुई है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च अदालत होने के साथ संवैधानिक मामलों में अंतिम निर्णय देने वाली संस्था है.