Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले में बालू के अवैध खनन और तस्करी को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है. इसी कड़ी में जिला खनन पदाधिकारी (DMO) ने इचागढ़ थाना क्षेत्र में एक बड़ी छापेमारी की है. विभाग को लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि माफियाओं द्वारा स्थानीय नदियों से अवैध रूप से बालू निकालकर गुप्त ठिकानों पर डंप किया जा रहा है, ताकि बाद में उसे ऊंचे दामों पर बाजार में बेचा जा सके.
छापेमारी टीम को देख भागे माफिया, मौके से कोई दस्तावेज नहीं मिला
सटीक इनपुट मिलने के बाद जिला खनन पदाधिकारी ने इचागढ़ थाना पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम बनाई और चिन्हित ठिकानों पर अचानक धमक पड़े. अधिकारियों की गाड़ियों को आते देख बालू माफिया और वहां काम कर रहे मजदूर मौके से भाग निकले. कार्रवाई के दौरान जब वहां मौजूद बालू के बड़े स्टॉक की जांच की गई, तो संचालक की ओर से खनन से जुड़ा कोई भी वैध कागजात या चालान पेश नहीं किया जा सका.
मापी में मिला 22 हजार सीएफटी का स्टॉक, अब की जाएगी सरकारी नीलामी
इसके बाद प्रशासनिक टीम ने अंचल अमीन की मदद से डंप किए गए बालू की मापी कराई, जिसमें करीब 22 हजार सीएफटी (CFT) अवैध बालू का स्टॉक पाया गया. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खनन विभाग ने पूरे स्टॉक को तुरंत सीज कर दिया. जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि जब्त किए गए इस बालू को सुरक्षित कस्टडी में ले लिया गया है और अब जिला प्रशासन के माध्यम से इसकी खुली नीलामी कराई जाएगी.
सिंडिकेट की पहचान में जुटी पुलिस, आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
खनन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके के बालू तस्करों में हड़कंप मच गया है. पुलिस अब जमीन मालिकों और इस धंधे के पीछे सक्रिय मुख्य सिंडिकेट की पहचान करने के लिए कानूनी कार्रवाई कर रही है. अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध खनन कारोबारियों के खिलाफ आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा.