CNG Price Hike: मध्य-पूर्व में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब भारत में साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। मंगलवार से राजधानी दिल्ली में सीएनजी 2 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है। नई दर लागू होने के बाद अब दिल्ली में सीएनजी 83.09 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है, जबकि पहले इसकी कीमत 81.09 रुपये थी।
11 दिनों में चौथी बार बढ़े सीएनजी के दाम
पिछले 11 दिनों के भीतर सीएनजी की कीमतों में लगातार चौथी बार इजाफा किया गया है। 15 मई को 2 रुपये, 18 मई को 1 रुपये, 23 मई को 1 रुपये और अब 26 मई को फिर 2 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इस तरह कम समय में सीएनजी कुल 6 रुपये महंगी हो चुकी है। लगातार बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी लगातार उछाल
सोमवार को ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की थी। पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। बीते 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं।
अन्य शहरों में भी बढ़े सीएनजी के रेट
दिल्ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी सीएनजी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। इन शहरों में सीएनजी अब 88.70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं मुंबई में भी सीएनजी की कीमत बढ़कर 84 रुपये प्रति किलो हो चुकी है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ने लगा है।
क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। युद्ध से पहले जहां कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है।
महंगाई से बढ़ी आम लोगों की परेशानी
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। निजी वाहन चालकों से लेकर ऑटो, टैक्सी और मालवाहक वाहन संचालकों तक सभी पर इसका असर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में किराया और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।