Nirmala Sitharaman On Fuel Price Hike: पिछले 10 दिनों में चार बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सोमवार (25 मई 2026) को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने से सरकार को लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में लोगों के बीच विश्वास बनाए रखना जरूरी है और भारत डर व नकारात्मक माहौल फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता।
फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम जनता पर बढ़ा बोझ
सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर इजाफा किया गया। पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों ने आम परिवारों के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। साथ ही ट्रांसपोर्टेशन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी लागत भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे महंगाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
SIDBI कार्यक्रम में बोलीं वित्त मंत्री- देश में डर और निराशा का माहौल ठीक नहीं
Small Industries Development Bank of India की 37वीं वर्षगांठ कार्यक्रम में बोलते हुए निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का जिक्र करते हुए नकारात्मक माहौल बनाने की प्रवृत्ति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शब्दों और कार्यों दोनों के जरिए नागरिकों में विश्वास जगाने की जरूरत है। उनके मुताबिक देश को भय और निराशा के वातावरण से बचाना बेहद जरूरी है।
मिडिल ईस्ट संकट का असर, वित्त मंत्री ने “3F” पर फोकस की दी सलाह
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले तीन महीनों से मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति को देखते हुए तीन अहम क्षेत्रों-फ्यूल (ईंधन), फर्टिलाइजर (उर्वरक) और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा) यानी “3F” पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में सतर्क रणनीति अपनाना मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में बेहद जरूरी हो गया है।