Jharkhand: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में राज्य की आर्थिक स्थिति, टैक्स संग्रह, बजट योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास योजनाओं की गति में किसी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए।
डिजिटल सिस्टम और टेक्नोलॉजी आधारित सुधार पर फोकस
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की आय बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम इस्तेमाल जरूरी है। टैक्स संग्रह प्रणाली को मजबूत बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और राजस्व रिसाव रोकने के लिए स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम अपनाने के निर्देश दिए गए। सरकार की कोशिश है कि डिजिटल टूल्स और आधुनिक डेटा विश्लेषण प्रणाली के माध्यम से राजस्व संग्रह को और प्रभावी बनाया जाए।
बजट योजनाओं के तेज क्रियान्वयन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बजट में घोषित योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जाए ताकि आम लोगों को समय पर उसका लाभ मिल सके। उन्होंने विभागीय कार्यों में अनावश्यक देरी खत्म करने और प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया।
टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्ती के संकेत
बैठक में टैक्स चोरी पर नियंत्रण को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कर संग्रह व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्नत तकनीक और डिजिटल निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाए। साथ ही व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए कर संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी बल दिया गया।
वित्तीय सुधारों को लेकर सरकार गंभीर
बैठक में यह संकेत मिला कि राज्य सरकार आने वाले समय में वित्तीय सुधारों और राजस्व वृद्धि के लिए कई नई पहल कर सकती है। सरकार का लक्ष्य विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ आर्थिक संसाधनों को भी मजबूत करना है।