Palamu News: झारखंड के पलामू जिले के हैदरनगर बस स्टैंड के पास सोमवार तड़के अचानक लगी आग ने कुछ ही देर में बड़ा नुकसान कर दिया. बिजली के पोल से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते तीन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानों में रखा सामान बचाने तक का मौका नहीं मिला. इस हादसे में करीब 15 लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई. आग के दौरान एक दुकान में रखा एलपीजी सिलेंडर भी फट गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई और आसपास के घरों की खिड़कियां तथा दरवाजे तक हिल गए.
रात की गश्ती कर रही पुलिस ने तुरंत शुरू किया राहत अभियान
घटना सोमवार सुबह करीब 3.11 बजे की बताई जा रही है. उस समय हैदरनगर थाना की पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी. आग की लपटें उठती देख पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बिना देरी किए फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई. समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बस स्टैंड के आसपास मौजूद कई अन्य दुकानें भी आग की चपेट में आ सकती थीं और नुकसान और ज्यादा बढ़ सकता था.
टायर दुकान और दो गैरेज पूरी तरह जलकर हुए खाक
इस भीषण आग में शमशीर टायर दुकान, छोटू बाइक गैरेज और सलाम ऑटो गैरेज पूरी तरह जल गए. दुकानदारों के मुताबिक हादसे में तीन ऑटो, तीन बाइक और करीब तीन लाख रुपये कीमत के टायर समेत कई जरूरी सामान जलकर नष्ट हो गए. दुकानों के अंदर रखा मशीन, उपकरण और अन्य सामान भी आग में पूरी तरह बर्बाद हो गया.
शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी बनी हादसे की वजह
हैदरनगर थाना प्रभारी तंजीलुल मनान ने बताया कि शुरुआती जांच में बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि बिजली के पोल से निकली चिंगारी ने पहले एक दुकान को अपनी चपेट में लिया और फिर आग तेजी से बाकी दुकानों तक फैल गई. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
सिलेंडर ब्लास्ट होते ही पीछे हटे जवान, बड़ा हादसा टला
मौके पर मौजूद एसआई आजम अंसारी ने बताया कि गश्त के दौरान आग लगने की सूचना मिलते ही जवानों के साथ राहत कार्य शुरू किया गया था. इसी दौरान जानकारी मिली कि एक दुकान के अंदर एलपीजी सिलेंडर रखा हुआ है. खतरे को देखते हुए पुलिसकर्मी और फायर ब्रिगेड के जवान सतर्क हो गए. कुछ ही देर बाद जोरदार धमाके के साथ सिलेंडर फट गया. धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग दहशत में आ गए. हालांकि समय रहते जवान पीछे हट गए थे, जिससे सभी की जान बच गई.
दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट, मुआवजे की मांग तेज
इस हादसे के बाद प्रभावित दुकानदारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. जिन दुकानों में आग लगी, उनमें वर्षों की मेहनत और कमाई लगी हुई थी. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का जल्द आकलन कराया जाए और पीड़ित दुकानदारों को राहत राशि तथा उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे दोबारा अपना काम शुरू कर सकें.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बिजली व्यवस्था की समय-समय पर जांच होती और खराब तारों तथा पोल की मरम्मत की जाती तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था. यह घटना एक बार फिर बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.