Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-25

Petrol-diesel Price Hike: ईंधन की कीमतों में लगातार चौथी बढ़ोतरी, पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा, दो साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे रेट

Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 10 दिनों के भीतर चौथी बार फ्यूल प्राइस बढ़ाए गए हैं, जिससे परिवहन खर्च से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

पेट्रोल और डीजल के दाम में ताजा बढ़ोतरी
नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

प्रमुख शहरों में पेट्रोल के नए दाम
शहर
नई कीमत
Delhi
102.12 रुपये प्रति लीटर
Kolkata
113.51 रुपये प्रति लीटर
Mumbai
111.21 रुपये प्रति लीटर
Chennai
107.77 रुपये प्रति लीटर


डीजल के नए रेट
शहर
नई कीमत
Delhi
95.20 रुपये प्रति लीटर
Kolkata
99.82 रुपये प्रति लीटर
Mumbai
97.83 रुपये प्रति लीटर
Chennai
99.55 रुपये प्रति लीटर

लगातार चौथी बार बढ़े दाम
इससे पहले 23 मई को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया था। उस समय पेट्रोल करीब 87 पैसे और डीजल लगभग 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। वहीं सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हाल के दिनों में सीएनजी के दाम कुल मिलाकर करीब चार रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुके हैं।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेजी का असर भारत में ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने, रुपये की कमजोरी और रिफाइनिंग लागत बढ़ने के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।

बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के रेट पर दिखाई दे रहा है।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने
ईंधन कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर चुनाव के बाद कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया है। वहीं सरकार का कहना है कि लंबे समय तक उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए तेल कंपनियों ने नुकसान उठाकर कीमतों को नियंत्रित रखा था।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को अभी भी भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे दाम
ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !