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  • 2026-05-22

Jharkhand News: झारखंड भवन नियमितीकरण नियमावली 2026, अवैध मकानों को वैध कराने का आखिरी मौका, 25 जून के बाद चलेगा बुलडोजर

Jharkhand News: झारखंड सरकार की ओर से "झारखंड अनधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली 2026" के तहत राज्य के अवैध निर्माणों को वैध (रेगुलराइज) करने की अंतिम समय-सीमा 25 जून 2026 तय की गई है. नगर विकास विभाग ने साफ कर दिया है कि इस कट-ऑफ डेट के बाद आवेदन पोर्टल को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और किसी भी परिस्थिति में नए आवेदनों पर विचार नहीं होगा. विभाग ने सभी भवन स्वामियों को चेतावनी दी है कि वे आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों और भीड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर लें, क्योंकि इस मियाद के खत्म होते ही राज्य भर में अवैध इमारतों के खिलाफ व्यापक स्तर पर ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) अभियान शुरू कर दिया जाएगा.

सिर्फ G+2 तक के मकान होंगे वैध, सरकारी जमीन पर कोई राहत नहीं
इस योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ बेहद कड़े और अनिवार्य पात्रता नियम तय किए हैं. नियमितीकरण के दायरे में केवल वही भवन आएंगे, जिनका निर्माण 31 दिसंबर 2024 से पहले हो चुका है, जिनकी अधिकतम ऊंचाई 10 मीटर (यानी ग्राउंड प्लस टू - G+2) तक है और जो अधिकतम 300 वर्ग मीटर के भूखंड पर बने हैं. सरकार ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी प्रकार की सरकारी भूमि, सार्वजनिक पार्क, मास्टर प्लान की सड़कों के दायरे, जल निकायों (नदी-तालाबों) के अतिक्रमण या फिर सीएनटी (CNT) व एसपीटी (SPT) एक्ट का उल्लंघन कर बनाई गई इमारतों को किसी भी कीमत पर वैध नहीं किया जाएगा.

आवासीय के लिए 10 हजार और व्यावसायिक के लिए 20 हजार रुपये न्यूनतम शुल्क
अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए पारदर्शी शुल्क ढांचा तैयार किया गया है, जिसके तहत आवासीय भवनों के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपये और व्यावसायिक (कमर्शियल) भवनों के लिए न्यूनतम 20 हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है. पुराने शहरी निकायों के गठन से पहले बने मकानों को राहत देते हुए एकमुश्त 5 हजार रुपये का शुल्क तय किया गया है. आवेदकों को बीपीएएमएस (BPAMS) पोर्टल पर आवेदन करते समय कुल निर्धारित शुल्क का 50 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन जमा करना होगा, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि को तीन आसान किस्तों में चुकाने की सहूलियत दी गई है.

फायर एनओसी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग का शपथ पत्र देना अनिवार्य
भवन मालिकों को आवेदन फॉर्म के साथ जमीन के मालिकाना हक के वैध दस्तावेज, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट (भवन की मजबूती का प्रमाण पत्र) और मकान की वर्तमान तस्वीरें अपलोड करनी होंगी. गैर-आवासीय या व्यावसायिक भवनों के लिए फायर एनओसी (Fairy NOC) की शर्त को अनिवार्य बनाया गया है. इसके अलावा, जिन मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं है, उन्हें 6 महीने के भीतर इसे लगवाने का कानूनी शपथ पत्र देना होगा. विभाग ने आगाह किया है कि यदि किसी भी आवेदक ने फॉर्म में कोई जानकारी छुपाई या गलत दस्तावेज दिए, तो उनका आवेदन तुरंत रद्द कर जमा की गई फीस जब्त कर ली जाएगी.
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