Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची में मॉनिटर लिजार्ड (गोह) की अवैध तस्करी और शिकार के मामले में जेल में बंद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता राजीव रंजन मिश्रा, उनके बेटे अविनाश रंजन और सहयोगी अरुण राम को अदालत से बड़ी राहत मिली है. रांची सिविल कोर्ट के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACJM) रवि नारायण की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है. कोर्ट के इस आदेश के बाद अब तीनों आरोपी जेल से बाहर आ सकेंगे.
वन विभाग और वाइल्ड लाइफ ब्यूरो की छापेमारी में हुई थी गिरफ्तारी
यह पूरा मामला इसी महीने 14 मई 2026 का है, जब वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और झारखंड वन विभाग की एक संयुक्त विशेष टीम ने रांची के डेली मार्केट थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की थी. इस कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित तीन मृत मॉनिटर लिजार्ड बरामद किए थे. वन्यजीवों की अवैध तस्करी और क्रूरता के इस गंभीर मामले में लिप्तता पाए जाने के बाद भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा, उनके पुत्र अविनाश आनंद और अरुण राम को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था. इसके बाद 18 मई को बचाव पक्ष की ओर से अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने बेल दे दी.