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  • 2026-05-22

Chaibasa News: मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति से ग्रामीण परेशान, जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत कोटगढ़ पंचायत के इटर बालजुड़ी गांव में स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र अपनी खराब व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। बच्चों के लिए बनाए गए इस केंद्र की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहां पढ़ने आने वाले नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुराना भवन अब मरम्मत की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

बारिश में टपकती छत, टूटी दीवारों से बढ़ा खतरा
करीब डेढ़ दशक पुराने इस आंगनबाड़ी भवन की छत कई जगह से टूट चुकी है। बरसात के दौरान कमरे के अंदर पानी भर जाता है और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। भवन के आसपास बने छज्जे भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे कभी भी हादसा होने की आशंका बनी रहती है। वहीं परिसर की बाउंड्री वॉल टूटने के कारण छोटे बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में है।

बिजली व्यवस्था ठप, गर्मी में परेशान बच्चे
भीषण गर्मी के बीच बच्चे बिना पंखे के समय बिताने को मजबूर हैं। केंद्र में बिजली और पंखे की व्यवस्था तो है, लेकिन खराब वायरिंग और कटे हुए तारों के कारण पिछले करीब एक वर्ष से बिजली व्यवस्था बंद पड़ी है। ऐसे में उमस और गर्मी के बीच बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शौचालय और रसोईघर की सुविधा नहीं
आंगनबाड़ी केंद्र में अब तक शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। बच्चों के लिए भोजन तैयार करने हेतु अलग रसोईघर भी उपलब्ध नहीं है। हालांकि गैस सिलेंडर की सुविधा मौजूद है और बच्चों को भोजन व पोषण सामग्री दी जा रही है, लेकिन आधारभूत सुविधाओं की कमी साफ दिखाई देती है।

केंद्र में दर्ज हैं 30 बच्चे
केंद्र में करीब 30 बच्चों का नामांकन है। इसके अलावा कई गर्भवती और धात्री महिलाएं भी यहां से पोषण योजनाओं का लाभ ले रही हैं। सेविका द्वारा नियमित रूप से लाभुकों के बीच राशन वितरण किया जा रहा है।

विभाग को दी जा चुकी है जानकारी
आंगनबाड़ी सेविका योशिला पूर्ति ने बताया कि केंद्र की जर्जर हालत की सूचना पहले भी संबंधित विभाग और सीडीपीओ कार्यालय को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मरम्मत या नई व्यवस्था को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। केंद्र में सहायिका के रूप में कैरी लागूरी कार्यरत हैं।

ग्रामीणों ने की जल्द कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से जल्द भवन की मरम्मत, बिजली व्यवस्था बहाल करने, शौचालय और किचन निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा खड़ा हो सकता है।
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