West Bengal News: पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य में तत्काल प्रभाव से “पुशबैक” नीति लागू कर दी गई है. नवान्न सचिवालय में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अवैध रूप से सीमा पार करने वालों के खिलाफ पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई तेज होगी.
“डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” का फॉर्मूला
सरकार इस अभियान को “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” की रणनीति के तहत चला रही है. इसके तहत राज्य के सीमावर्ती जिलों के सभी थानों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया गया है. नई व्यवस्था के अनुसार, राज्य पुलिस संदिग्ध घुसपैठियों को हिरासत में लेकर सीधे बीएसएफ को सौंपेगी, जिसके बाद उन्हें डिपोर्ट करने की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
फेंसिंग के लिए जमीन ट्रांसफर और सीएए पर रुख
भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने शुरुआती चरण में बीएसएफ को 27 किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ लगाने के लिए जमीन हस्तांतरित कर दी है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए अल्पसंख्यक समुदायों को कानून के तहत पूरी सुरक्षा और नागरिकता का अधिकार मिलेगा.