Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-20

Jharkhand News: अधूरे भारत के नक्शे वाले पोस्ट पर घिरे पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर, सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद

Jharkhand: झामुमो नेता और पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। प्रधानमंत्री के विदेश दौरे और प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर किए गए कटाक्ष के साथ साझा किए गए पोस्ट में भारत का ऐसा नक्शा इस्तेमाल किया गया, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को विवादित क्षेत्र के रूप में दिखाया गया था। पोस्ट में लिखा गया था, “हम प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते, यही हमारी परंपरा रही है। कोई शक? कोई परेशानी?” पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी।

सोशल मीडिया पर उठा विरोध, बाद में हटाया पोस्ट
कई लोगों ने इस पोस्ट को देश की अखंडता और संप्रभुता से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद मिथिलेश ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित पोस्ट हटा दिया। हालांकि तब तक पोस्ट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुके थे और राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई।

बाबूलाल मरांडी ने साधा निशाना
भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत का अधूरा नक्शा साझा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह देश की एकता के खिलाफ माना जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए झामुमो संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लापरवाही बरत रही है। बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले पर स्थिति स्पष्ट करने और कार्रवाई की मांग की।

सुनील तिवारी बोले- कश्मीर भारत का मुकुट
भाजपा नेता सुनील तिवारी ने भी पोस्ट की आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें विवादित क्षेत्र दिखाना देश की संप्रभुता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भारत के नक्शे के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जा सकती। साथ ही इस तरह के पोस्ट करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
पोस्ट हटाए जाने के बावजूद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्षी दल इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए लगातार हमलावर हैं, जबकि सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर बहस जारी है।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !