Ram Mandir CEO: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के चयन को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचने की जानकारी सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देशभर से मिले आवेदनों की छंटनी के बाद 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया और 11 तथा 12 अगस्त 2026 को उनका साक्षात्कार कराया गया. हालांकि, आवेदनों की कुल संख्या और इंटरव्यू से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियों की ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक पुष्टि इस समय स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है.
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम चर्चा में
रिपोर्ट्स के अनुसार, CEO पद के लिए पूर्व प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों समेत मंदिर प्रबंधन का अनुभव रखने वाले कई लोगों ने दावेदारी पेश की है. इनमें पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय, जौनपुर के पूर्व जिलाधिकारी दिनेश चंद्र और अयोध्या के पूर्व जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा के नाम प्रमुखता से बताए जा रहे हैं. दक्षिण भारत के बड़े मंदिरों के प्रशासन से जुड़े रहे कुछ पूर्व अधिकारियों के भी चयन प्रक्रिया में शामिल होने की जानकारी सामने आई है. इन नामों की आधिकारिक पुष्टि ट्रस्ट की ओर से अभी सामने नहीं आई है.
तीन सदस्यीय समिति कर रही चयन प्रक्रिया
CEO के चयन के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है. उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें सिक्किम हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त प्रमोद कोहली, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे शामिल हैं. समिति को उम्मीदवारों की योग्यता, प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता और भगवान श्रीराम के प्रति आस्था जैसे मानकों के आधार पर उपयुक्त नामों की सिफारिश करने की जिम्मेदारी दी गई है.
धार्मिक और प्रशासनिक मानकों पर जोर
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों से उनकी व्यक्तिगत धार्मिक आस्था और जीवनशैली से जुड़े सवाल भी किए गए. इनमें जनेऊ धारण करने, शिखा रखने, शाकाहारी जीवनशैली और भगवान श्रीराम के प्रति आस्था जैसे विषयों से जुड़े सवाल शामिल होने की बात कही गई है. हालांकि, 34 सवाल पूछे जाने और उम्मीदवारों को बिना नंबर प्लेट वाली विशेष गाड़ियों से साक्षात्कार स्थल तक ले जाने की बात भी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कही जा रही है.
2 सितंबर को अंतिम फैसला होने की संभावना
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद समिति द्वारा योग्य उम्मीदवारों के नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपे जाने की बात सामने आई है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अंतिम नियुक्ति का अधिकार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास रहेगा और अगले चरण में ट्रस्ट की बैठक में नाम पर फैसला लिया जाएगा. 2 सितंबर 2026 को आधिकारिक घोषणा होने की बात भी रिपोर्ट्स में कही गई है, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि ट्रस्ट की ओर से होना बाकी है.