Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-20

Jharkhand News: खूंटी में जिंदा लौटा वह शख्स जिसका हो चुका था अंतिम संस्कार, गांव वाले भी रह गए हैरान, जाने पूरा मामला

Jharkhand News: झारखंड के खूंटी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है. यहां एक व्यक्ति को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार तक कर दिया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद वही व्यक्ति जिंदा वापस घर लौट आया. घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और लोग इस अनोखी घटना की चर्चा करते नजर आए.
अज्ञात शव को विश्राम मुंडा समझ बैठे परिजन और ग्रामीण
यह मामला खूंटी जिले के मारंगहादा थाना क्षेत्र स्थित पतरा टोली गांव का है. यहां एक अज्ञात शव को गांव के रहने वाले विश्राम मुंडा समझ लिया गया था. परिजनों और ग्रामीणों ने शव की पहचान करने के बाद पूरे सामाजिक रीति रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार कर दिया था. लेकिन कुछ दिनों बाद जब विश्राम मुंडा खुद जिंदा लौटकर घर पहुंचे तो परिवार के साथ साथ पूरे गांव के लोग दंग रह गए.

नाली से मिला था अज्ञात व्यक्ति का शव
जानकारी के अनुसार 11 मई को खूंटी थाना क्षेत्र के डडगामा गांव के पास एक नाली से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था. पुलिस शव की पहचान कराने में जुटी हुई थी. इसी दौरान विश्राम मुंडा के परिजन और गांव के कुछ लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. वहां शव की पहचान विश्राम मुंडा के रूप में कर ली गई. पहचान होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया. इसके बाद गांव में पूरे सामाजिक रीति रिवाज के साथ शव को दफना दिया गया.

शादी समारोह में गए थे और अचानक हो गए थे लापता
बताया गया कि विश्राम मुंडा 10 मई को अपने परिवार के साथ डडगामा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे. वहीं से वे अचानक लापता हो गए थे. परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला. इसके बाद थाने में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई गई. इसी बीच नाली से मिले शव की तस्वीर सामने आई. तस्वीर देखकर परिवार और ग्रामीणों ने उसे विश्राम मुंडा मान लिया. बताया गया कि शव का चेहरा काफी हद तक विश्राम मुंडा से मिलता जुलता था, जिसकी वजह से यह भ्रम पैदा हो गया.

जिंदा लौटते ही गांव में मच गई हलचल
घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब अंतिम संस्कार के कुछ दिन बाद विश्राम मुंडा अचानक जिंदा वापस लौट आए. वे सीधे खूंटी में अपनी बेटी के किराए के मकान पहुंचे. उन्हें सामने देखकर परिवार के सदस्य स्तब्ध रह गए. कुछ ही देर में यह खबर पूरे गांव और आसपास के इलाकों में फैल गई. गांव में अफरातफरी जैसा माहौल बन गया और पंचायत स्तर पर बैठक तक बुलानी पड़ी.

पंचायत ने सार्वजनिक रूप से मानी गलती
मामले के सामने आने के बाद ग्राम सभा भी सक्रिय हो गई. पंचायत के मुखिया प्रेम टूटी ने कहा कि शव की पहचान केवल तस्वीर के आधार पर की गई थी. चेहरा मिलता जुलता होने की वजह से परिजन और ग्रामीण भ्रमित हो गए. उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस गलती के लिए माफी मांगी और कहा कि यह भूल अनजाने में हुई. ग्राम प्रधान जोलेन टूटी ने भी स्वीकार किया कि जल्दबाजी में शव की पहचान कर ली गई थी.

बिना बताए रामगढ़ घूमने चले गए थे विश्राम मुंडा
जिंदा लौटे विश्राम मुंडा ने बताया कि वे बिना किसी को जानकारी दिए रामगढ़ घूमने चले गए थे. उन्होंने परिवार को इसकी सूचना नहीं दी थी, जिसकी वजह से सभी लोग परेशान हो गए. विश्राम मुंडा ने भी इस पूरी घटना पर दुख जताया और कहा कि उनकी वजह से परिवार और गांव को काफी परेशानी उठानी पड़ी.

अब अज्ञात शव की दोबारा होगी पहचान
मामले को लेकर एसडीपीओ वरुण रजक ने कहा कि जिस शव को विश्राम मुंडा समझकर दफनाया गया था, उसकी दोबारा पहचान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उन्होंने बताया कि एफएसएल टीम जरूरी साक्ष्य जुटा चुकी है. अगर कोई व्यक्ति शव की पहचान के लिए सामने आता है तो डीएनए जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के अनुसार, क़ानूनी तोर पर यदि 72 घंटे तक किसी अज्ञात शव की पहचान नहीं हो पाती है तो उसका अंतिम संस्कार करना जरूरी होता है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !