Jharkhand News: झारखंड के विभिन्न कोषागारों से अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में तैनात सिपाही कौशल पांडेय को तीन दिनों की रिमांड पर लिया है. कौशल पांडेय को पहले बोकारो पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था. बाद में इस मामले की जांच CID ने अपने हाथ में ले ली.
करीब 11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़े इस मामले में कौशल पांडेय को मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है. जांच एजेंसी के अनुसार उसने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज और बिल तैयार कर सरकारी राशि की निकासी की. SIT अब उससे पूछताछ कर पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क और इस्तेमाल किए गए तरीकों की जानकारी जुटा रही है.
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी बिल किस तरह तैयार किए गए, कंप्यूटर रिकॉर्ड में हेरफेर कैसे किया गया और राशि ट्रांसफर के बाद डिजिटल डेटा कैसे हटाया गया. इसके अलावा सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के नाम पर अस्थायी खाते खोलकर पैसे निकालने के आरोपों की भी जांच हो रही है.
SIT को आशंका है कि अवैध रूप से निकाली गई रकम कई अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई. अब जांच टीम यह जानने में जुटी है कि रकम किन लोगों तक पहुंचाई गई और इसमें विभाग के किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही.
पूछताछ के दौरान कौशल पांडेय की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध लेनदेन की भी जानकारी जुटाई जा रही है. एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि जिन खातों में पैसे भेजे गए, वहां से नकद राशि वापस ली गई या नहीं.
इस मामले में अब तक चार लोगों को जेल भेजा जा चुका है. कौशल पांडेय के अलावा उसके सहयोगी एएसआई अशोक कुमार भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार और सिपाही काजल मंडल को भी SIT गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. फिलहाल सभी आरोपी जेल में हैं और मामले की जांच जारी है.