Giridih: झारखंड में इन दिनों "जय-वीरू" फिल्म का वो आइकॉनिक पानी की टंकी वाला सीन हकीकत बनता जा रहा है, लेकिन थोड़े आधुनिक ट्विस्ट के साथ. अब पानी की टंकी पुरानी बात हो चुकी है, नया ट्रेंड है हाई-स्पीड इंटरनेट वाला मोबाइल टावर और उस पर चढ़ा हाई-वोल्टेज आशिक.
आलम यह है कि राज्य में आए दिन कोई न कोई आशिक अपनी मोहब्बत को दिखाने के लिए सीधे टावर के शिखर पर पहुंच जा रहा है। अभी पिछले ही रविवार को धनबाद में एक युवती टावर पर चढ़कर हेडलाइंस बटोर रही थी, और उससे कुछ दिन पहले गिरिडीह के निमियाघाट में एक जीजाजी अपनी साली से शादी की जिद में टावर की ऊंचाइयों को नाप रहे थे।
अब इसी कड़ी में एक और नया और बेहद दिलचस्प किस्सा सामने आया है गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र से जहां सोमवार की सुबह बेंगाबाद इलाके के लोगों के लिए रोजमर्रा जैसी ही थी, लेकिन अचानक आसमान की तरफ उठी कुछ उंगलियों ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। मोबाइल टावर के सबसे ऊपरी छोर पर एक युवक खड़ा था, जो नीचे खड़े लोगों को बेहद छोटा और अपनी मांग को बेहद बड़ी बता रहा था।
टावर पर चढ़े इस "ऊंचाई वाले आशिक" की पहचान गिरिडीह के मोतीलदा निवासी संजय रजक (सलजो कुमार) के रूप में हुई।
कहानी में ट्विस्ट, वादा, वफा और फिर सीधा थाना!
नीचे खड़ी भीड़ जब चिल्लाकर पूछ रही थी कि "भाई, ऊपर क्या कर रहे हो?", तो ऊपर से जो कहानी छनकर आई, वो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी। संजय का एक युवती के साथ लंबे समय से अफेयर चल रहा था। बात सिर्फ बातचीत तक नहीं थी, दोनों बकायदा "लिव-इन" की तरह साथ रहने भी लगे थे।
संजय का आरोप है कि मैडम ने पहले तो जनम-जनम साथ निभाने और शादी करने के बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन वक्त बदला तो वो अपनी बात से मुकर गईं। ट्विस्ट यहीं खत्म नहीं हुआ। प्रेमिका ने सीधे थाने जाकर संजय के खिलाफ एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज करा दी। बस, इसी "धोखे" और कानूनी कार्रवाई से आहत होकर संजय ने तय किया कि अब इंसाफ जमीन पर नहीं, सीधे नेटवर्क के सबसे मजबूत खंभे पर मिलेगा!
हाई-टेक ड्रामा, टावर से वीडियो कॉलिंग और पुलिस की सांसें अटकीं
घटना की खबर फैलते ही टावर के नीचे तमाशबीनों का मेला लग गया। कोई वीडियो बना रहा था तो कोई नीचे से ही "संजय भाई, मान जाओ" के नारे लगा रहा था। लेकिन संजय भी इस डिजिटल युग का मॉडर्न आशिक था. वह नीचे किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। उसने नीचे खड़े लोगों, अपनी मां और पुलिस से संवाद करने का एक नया जरिया निकाला सीधे टावर के ऊपर से मोबाइल फोन। संजय ऊपर से फोन घुमाता, अपनी बेगुनाही के सबूत देता और नीचे खड़ी पुलिस की सांसें ऊपर-नीचे होतीं।
पुलिस बनी "काउंसलर"
सूचना मिलते ही बेंगाबाद थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। अब पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ कानून व्यवस्था संभालने की नहीं, बल्कि एक नाराज आशिक को बिना किसी खरोंच के नीचे उतारने की थी। पुलिस अधिकारी नीचे से लाउडस्पीकर और फोन के जरिए संजय को समझाने, मनुहार करने और थाने में बैठकर बात सुलझाने का आश्वासन देने में जुटे रहे। फिलहाल, बेंगाबाद का यह मोबाइल टावर पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लोग चटखारे लेकर कह रहे हैं कि भाई, "इश्क में लोग दिल हारते हैं, यहां लोग सीधे टावर पकड़ लेते हैं!"