National News: उत्तराखंड के ऋषिकेश में उस समय बड़ा रेल हादसा टल गया जब उज्जैनी एक्सप्रेस शंटिंग के दौरान अचानक बेकाबू हो गई. ट्रेन ने यार्ड में दीवार तोड़ दी और इंजन समेत कुछ कोच पटरी से उतर गए. राहत की बात यह रही कि उस समय ट्रेन पूरी तरह खाली थी. इसलिए इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है. हादसे के बाद रेलवे प्रशासन और आरपीएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई.
रात में शंटिंग के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक गाड़ी संख्या 14317 उज्जैनी एक्सप्रेस की स्टेशन यार्ड में रात के समय शंटिंग की जा रही थी. ट्रेन को सुबह करीब छह बजे रवाना होना था और उससे पहले यार्ड में नियमित प्रक्रिया के तहत शंटिंग मूवमेंट चल रहा था. इसी दौरान अचानक ट्रेन अनियंत्रित हो गई और आगे बढ़ते हुए दीवार से टकरा गई. टक्कर इतनी तेज थी कि इंजन और कुछ कोच पटरी से उतर गए. हादसा ऋषिकेश के खांड गांव इलाके के पास हुआ बताया जा रहा है.
ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी की आशंका
रेलवे की शुरुआती जांच में हादसे की वजह ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी मानी जा रही है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही हादसे की असली वजह साफ हो पाएगी. वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि इंजन के पहिए पटरी से उतर गए हैं और तकनीकी टीम पूरे मामले की जांच कर रही है. रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं.
ट्रेन खाली होने से टला बड़ा हादसा
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त ट्रेन में कोई यात्री मौजूद नहीं था. यही वजह रही कि एक बड़ा हादसा होने से बच गया. अगर ट्रेन में यात्री सवार होते तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी.
हादसे के बाद यार्ड इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया. हालांकि रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में ले लिया.
आरपीएफ को रात करीब दस बजे मिली थी सूचना
आरपीएफ अधीक्षक सरोज कुमार ने बताया कि रात के समय उज्जैनी एक्सप्रेस की शंटिंग की जा रही थी. उसी दौरान यह हादसा हुआ. उन्होंने कहा कि ट्रेन को सुबह रवाना होना था और नियमित प्रक्रिया के तहत यार्ड में मूवमेंट चल रहा था. उन्होंने बताया कि रात करीब दस बजे आरपीएफ को घटना की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस और रेलवे की टीम मौके पर पहुंच गई. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है कि आखिर ट्रेन कैसे बेकाबू हुई.
रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे की तकनीकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े होने लगे हैं. लगातार आधुनिक तकनीक और सुरक्षा दावों के बीच इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं. हालांकि इस बार राहत की बात यह रही कि ट्रेन खाली थी. लेकिन अगर यही हादसा यात्रियों की मौजूदगी में होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था. ऐसे में अब सभी की नजर रेलवे जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह साफ हो सके कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई.