Jamshedpur News: जमशेदपुर के गोपाल मैदान में रविवार से राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और शौर्य का भव्य नजारा देखने को मिला. पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 की शानदार शुरुआत हुई. महोत्सव शुरू होते ही पूरा परिसर राजस्थानी रंग में रंग गया और शहरवासियों को राजस्थान की माटी की खुशबू का एहसास होने लगा. पारंपरिक सजावट, लोक संस्कृति और रंग बिरंगे माहौल ने लोगों को खास अनुभव दिया.
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ महोत्सव का शुभारंभ
महोत्सव का उद्घाटन सरयू राय ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ऐसे कार्यक्रम अलग अलग संस्कृतियों के बीच भाईचारा और सौहार्द को भी मजबूत बनाते हैं.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और उद्घाटन के साथ ही पूरे मैदान में उत्साह का माहौल देखने को मिला.
लोक कला, खान पान और हस्तशिल्प बने आकर्षण का केंद्र
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में राजस्थान की लोक कला, पारंपरिक खान पान, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहेंगे. मेले में आने वाले लोगों को राजस्थानी संस्कृति की झलक एक ही जगह देखने को मिल रही है. पारंपरिक व्यंजन, रंग बिरंगे हस्तशिल्प और राजस्थानी कला लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं. आयोजन स्थल पर राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है.
लोक गायक संजय मुकुंदगढ़ ने बांधा समां
महोत्सव के पहले दिन शाम को राजस्थान के प्रसिद्ध लोक गायक संजय मुकुंदगढ़ ने अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से माहौल को संगीतमय बना दिया. उनके गीतों ने लोगों को राजस्थान की सतरंगी संस्कृति से रूबरू कराया. लोक संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी कार्यक्रम में पहुंचे. सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया.
शहरवासियों से महोत्सव में शामिल होने की अपील
आयोजकों ने जमशेदपुरवासियों से अपील की है कि वे इस महोत्सव में शामिल होकर राजस्थान की गौरवशाली परंपराओं और संस्कृति का आनंद लें. उनका कहना है कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का मंच नहीं बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विविधता को करीब से महसूस करने का अवसर भी है. तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन शहरवासियों के लिए राजस्थान की संस्कृति को करीब से जानने और अनुभव करने का खास मौका बन गया है.