Ranchi News: राजधानी रांची के धुर्वा स्थित सचिवालय के पथ निर्माण विभाग में लेखापाल के पद पर नौकरी लगवाने का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. जालसाजों ने एक युवक को अपनी ऊंची पहुंच का झांसा देकर उससे कुल सात लाख रुपये की मोटी रकम ठग ली. इस शातिर गिरोह ने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन का करीबी बताते हुए पीड़ित का भरोसा जीता था. ठगी का शिकार हुए मनोज कुमार पासवान ने अब इस मामले को लेकर स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है.
आरोपी निमाय चन्द्र चटर्जी ने पीड़ित मनोज कुमार पासवान से मुलाकात के दौरान खुद को सचिवालय का एक रिटायर्ड कर्मचारी बताया था. उसने मनोज के सामने यह बड़ा दावा किया कि उसका सगा दामाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पीए के रूप में कार्यरत है. निमाय ने कहा कि दामाद के रसूख के कारण उसकी सचिवालय के बड़े अधिकारियों में अच्छी पकड़ है और वह किसी की भी सरकारी नौकरी आसानी से लगवा सकता है, जिसके बाद पीड़ित उसकी बातों में आ गया.
इस जालसाजी में निमाय चन्द्र चटर्जी के साथ विक्की कुमार और कुछ अन्य लोग भी शामिल थे. इन सभी ने मिलकर मनोज कुमार पासवान से अलग-अलग किस्तों में सात लाख रुपये की वसूली की. आरोपियों ने यह पूरी रकम ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर, गूगल-पे, फोन-पे और कैश के माध्यम से अपने खातों में मंगवाई थी. पीड़ित को पूरी तरह विश्वास में लेने के लिए इन ठगों ने फर्जीवाड़ा करते हुए उसके व्हाट्सएप पर एक जाली नियुक्ति पत्र भी भेज दिया था.
मनोज को जाल में फंसाए रखने के लिए बकायदा ऑनलाइन परीक्षा, मेडिकल टेस्ट और इंटरव्यू का नाटक रचा गया, जिसके लिए उसे डोरंडा और मंत्रालय भवन तक बुलाया गया था. जब नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी मनोज की जॉइनिंग नहीं हुई, तब उसे अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी का पता चला. पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने पहले टालमटोल की और अब वे फोन बंद कर फरार हो गए हैं. पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए तकनीकी साक्ष्यों की मदद ले रही है.