Ranchi: रांची में राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शनिवार को जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम “डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारी: जांच करें, सफाई करें और ढकें” रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को डेंगू के खतरे और उससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी। लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की गई।
एडीज मच्छर से फैलता है डेंगू
जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी ने बताया कि डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है और दिन के समय अधिक सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर घरों के आसपास जमा पानी को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही डेंगू फैलने का सबसे बड़ा कारण बनता है। इसलिए पानी की टंकियों, बाल्टियों और अन्य बर्तनों को हमेशा ढककर रखना जरूरी है।
लोगों को बताए गए डेंगू के लक्षण
अधिकारियों ने बताया कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, उल्टी और त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल हैं। लोगों से अपील की गई कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें। प्रभात कुमार ने लोगों से सप्ताह में एक दिन “ड्राई डे” मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुराने टायर, नारियल के खोल, बोतल और कबाड़ जैसी चीजों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि यही मच्छरों के प्रजनन स्थल बनते हैं।
डेंगू प्रभावित इलाकों में घर-घर अभियान
जागरूकता अभियान के तहत रांची शहरी क्षेत्र के डेंगू प्रभावित वार्डों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। इस दौरान मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए कई जगहों पर लार्वानाशी दवाओं का छिड़काव भी किया गया।
पिछले साल मिले थे 92 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में डेंगू के 92 मामले सामने आए थे। वहीं जनवरी से अप्रैल 2026 तक 14 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। विभाग का कहना है कि डेंगू की रोकथाम को लेकर लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।