Jharkhand: शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को बेहतर सुविधा देने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि खेती और किसानों से जुड़ी योजनाओं को जमीन तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। वह नेगुमला में भूमि संरक्षण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
अधिकारियों को गंभीरता से काम करने का निर्देश
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों को किसानों के हित में पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को समझें और उनकी जरूरत के अनुसार योजनाओं का लाभ पहुंचाएं, ताकि खेती को और मजबूत बनाया जा सके।
तालाब निर्माण से बढ़ी सिंचाई की सुविधा
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भूमि संरक्षण विभाग की ओर से कई क्षेत्रों में तालाबों का निर्माण कराया गया है। इससे किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल रही है और खेती के लिए पानी की समस्या काफी हद तक कम हुई है। उन्होंने बताया कि पहले जहां कई खेत खाली पड़े रहते थे, वहीं अब किसान ज्यादा जमीन पर खेती कर पा रहे हैं। सिंचाई की बेहतर व्यवस्था होने से किसानों की फसल उत्पादन क्षमता भी बढ़ी है।
अब किसान कर रहे नई फसलों की खेती
मंत्री ने कहा कि झारखंड में अब खेती का स्वरूप धीरे-धीरे बदल रहा है। पहले किसान मुख्य रूप से पारंपरिक खेती करते थे, लेकिन अब तरबूज, खरबूज समेत कई फलों और नकदी फसलों की खेती भी बड़े स्तर पर होने लगी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेती और नई तकनीकों को अपनाने से किसानों की आय में भी सुधार हो रहा है। सरकार किसानों को नई खेती पद्धतियों के प्रति जागरूक करने और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का काम कर रही है।
किसानों के लिए लगातार चल रही योजनाएं
कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि विभाग समय-समय पर किसानों के हित में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। इसके साथ ही किसानों को कृषि उपकरण, बीज और अन्य परिसंपत्तियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में किसानों को और बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास करेगी। इस मौके पर कृषि, उद्यान, सिंचाई समेत कई विभागों के अधिकारी और स्थानीय किसान मौजूद रहे।