Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-16

Bengal Politics: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर एफआईआर दर्ज, भड़काऊ भाषण और अमित शाह पर टिप्पणी को लेकर बढ़ीं मुश्किलें

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने और सार्वजनिक माहौल खराब करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. यह मामला कोलकाता के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कुछ भाषणों में ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिनसे समाज में तनाव और आपसी दुश्मनी बढ़ सकती थी. मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों का भी जिक्र किया गया है.
चुनाव प्रचार के भाषणों को लेकर दर्ज हुई शिकायत
एफआईआर के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने यह शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत 5 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के एक दिन बाद बागूइहाटी पुलिस स्टेशन में दी गई थी. आरोप है कि 27 अप्रैल से 3 मई के बीच आयोजित कई चुनावी सभाओं और कार्यक्रमों में अभिषेक बनर्जी ने विवादित और भड़काऊ बयान दिए. शिकायतकर्ता का कहना है कि इन भाषणों से सार्वजनिक शांति प्रभावित हो सकती थी और अलग अलग समूहों के बीच तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हुआ. साथ ही आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी धमकी भरे बयान दिए गए.

वीडियो और लिंक को बनाया गया सबूत
शिकायतकर्ता राजीव सरकार ने पुलिस को कई वीडियो लिंक और भाषणों की रिकॉर्डिंग भी सौंपी है. इन्हें मामले में सबूत के तौर पर शामिल किया गया है. आरोप है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया गया. पुलिस ने 15 मई को दोपहर करीब 2 बजकर 45 मिनट पर बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की.

कई गैर जमानती धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. इसमें धारा 192, 196, 351(2) और 353(1)(c) शामिल हैं. इसके अलावा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) और 125 के तहत भी कार्रवाई की गई है. एफआईआर में कहा गया है कि भाषणों में इस्तेमाल की गई भाषा से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था और दंगे जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा था. कई धाराएं गैर जमानती बताई जा रही हैं, जिनमें नफरत फैलाने, लोगों को उकसाने और गंभीर धमकी देने से जुड़े आरोप शामिल हैं.


सब इंस्पेक्टर सोमनाथ रॉय को सौंपी गई जांच
इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर सोमनाथ रॉय को दी गई है. पुलिस अब शिकायत में दिए गए वीडियो, भाषणों और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच करेगी. आने वाले दिनों में मामले में पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.

बंगाल की राजनीति में फिर बढ़ा सियासी तनाव
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. चुनावी माहौल के बाद भी राजनीतिक बयानबाजी और आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है और आगे इस मामले में क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !