Seraikela News: सरायकेला जिले में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है. लंबे समय से खराब सड़क और बरसात के दौरान आवागमन की परेशानी झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह खबर राहत लेकर आई है. एक ओर एनएच 33 से हुमीद ग्राम तक नई सड़क का निर्माण होगा, वहीं दूसरी ओर बानसा रेयारदा पथ पर लपाईबेड़ा से गुटीउत्नी देबरागोड़ा तक सड़क बनाई जाएगी. दोनों परियोजनाओं के शुरू होने से आसपास के गांवों में खुशी का माहौल है और लोगों को अब बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
एनएच 33 से हुमीद ग्राम तक 84 लाख रुपये की लागत से बनेगी सड़क, गांव को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
एनएच 33 से हुमीद ग्राम तक बनने वाली 1.47 किलोमीटर लंबी सड़क का शिलान्यास केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ और ईचागढ़ विधायक सबिता महतो ने किया. इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा भी मौजूद रहे. ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल सरायकेला खरसावां के कार्यपालक अभियंता के अनुसार इस सड़क निर्माण कार्य की एग्रीमेंट वैल्यू 84.16 लाख रुपये तय की गई है. सड़क बनने के बाद हुमीद ग्राम के लोगों को मुख्य सड़क से सीधा संपर्क मिलेगा जिससे रोजमर्रा की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी. ग्रामीणों ने बताया कि आजादी और झारखंड गठन के कई साल बाद भी गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंची थी. खासकर बरसात के दिनों में कीचड़ और खराब रास्ते के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था. कई बार मरीजों, स्कूली बच्चों और किसानों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी. अब सड़क निर्माण शुरू होने से गांव के लोगों में खुशी और राहत का माहौल है.
लपाईबेड़ा से देबरागोड़ा तक 2.80 किलोमीटर सड़क निर्माण से कई गांवों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दूसरी सड़क बानसा रेयारदा पथ पर लपाईबेड़ा से गुटीउत्नी देबरागोड़ा तक बनाई जाएगी. 2.80 किलोमीटर लंबी इस सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास भाजपा के पूर्व विधायक स्वर्गीय साधुचरण महतो की पत्नी सारथी महतो और ईचागढ़ विधायक साबित महतो ने किया. ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल सरायकेला के कार्यपालक अभियंता के मुताबिक इस परियोजना की प्राक्कलित राशि 249.647 लाख रुपये है. सड़क बनने के बाद लपाईबेड़ा, गुटीउत्नी, देबरागोड़ा समेत आसपास के कई गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. ग्रामीणों को बाजार, अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी. शिलान्यास समारोह में ओम लायक, दिवाकर सिंह, खगेन महतो सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना का मुख्य उद्देश्य सुदूर गांवों को हर मौसम में मुख्य सड़कों से जोड़ना है ताकि ग्रामीण इलाकों का विकास तेजी से हो सके.
सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच होगी आसान
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है बल्कि इससे गांवों के विकास का रास्ता भी खुलेगा. अच्छी सड़क बनने से बच्चों की पढ़ाई, किसानों की उपज को बाजार तक पहुंचाने और मरीजों को समय पर अस्पताल ले जाने में काफी मदद मिलेगी. कार्यपालक अभियंता ने भरोसा दिलाया कि दोनों सड़क परियोजनाओं का निर्माण तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा. ग्रामीणों को उम्मीद है कि इन सड़कों के बनने के बाद इलाके की तस्वीर बदलने लगेगी और वर्षों पुरानी समस्या से छुटकारा मिलेगा.