Jamshedpur: मानगो क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित शहरी जलापूर्ति योजना फेज-2 पार्ट-बी को लेकर एक बड़ी सफलता मिली है। NH-33 के राइट ऑफ वे (Right Of Way) में पाइपलाइन बिछाने को लेकर लंबे समय से चली आ रही तकनीकी बाधाएं अब लगभग समाप्त हो गई हैं। 13 मई को रांची से आई NHAI की टीम ने स्थल पर मैप और नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके साथ ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने अपनी फिजिबिलिटी रिपोर्ट कार्यपालक अभियंता को सौंप दी है, जिससे अब धरातल पर काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
मेयर सुधा गुप्ता की सक्रियता से बनी सहमति
इस योजना को गति देने में मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता की भूमिका अहम रही है। पाइपलाइन रूट को लेकर आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए उनके द्वारा निरंतर प्रयास किए गए:
- 26 मार्च: बालीगुमा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
- 13 अप्रैल: जयपाल कॉलोनी के निवासियों के साथ बैठक कर वैकल्पिक रूट का प्रस्ताव रखा गया।
- 22 अप्रैल: NHAI, पेयजल विभाग और नगर निगम के बीच संयुक्त बैठक कर NOC के लिए सहमति बनाई गई।
क्यों बदला गया पाइपलाइन का रूट?
NHAI ने स्पष्ट किया कि डिमना नाला के पास एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का निर्माण होना है। इस बड़ी परियोजना के कारण पूर्व में निर्धारित पाइपलाइन का रूट प्रभावित हो रहा था। जनहित को देखते हुए और योजना में देरी न हो, इसलिए आपसी समन्वय से वैकल्पिक रूट को स्वीकृति दी गई है। कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार ने इस संबंध में अंतिम रूट निर्धारण के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर को पत्र भी भेज दिया है।
"जनता से किया वादा हर हाल में होगा पूरा" - मेयर
मेयर सुधा गुप्ता ने कहा कि मानगो की जनता को नियमित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को विभागीय समन्वय और लगातार बैठकों के जरिए दूर कर लिया गया है। मेयर ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया है कि वैकल्पिक रूट पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि जल संकट का स्थायी समाधान हो सके।