Ranchi News: रांची में आईसीआईसीआई बैंक के रिलेशनशीप मैनेजर विकास कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. 30 वर्षीय विकास कुमार मोरहाबादी ब्रांच में कार्यरत थे और अशोक नगर स्थित बुद्ध विहार रोड नंबर वन में रहते थे. मामले में मृतक के बड़े भाई विक्की कुमार ने अरगोड़ा थाना में विकास की पत्नी शिवानी शंकर के खिलाफ हत्या का शक जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है.
फोन कॉल से मिली मौत की जानकारी, अस्पताल पहुंचने पर दिखे कई संदिग्ध निशान
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 10 मई की रात करीब 6:55 बजे शिवानी शंकर की मां ने फोन कर परिवार को बताया कि विकास कुमार ने फांसी लगा ली है और उनका शव पारस अस्पताल में रखा गया है. सूचना मिलने के बाद विक्की कुमार ने अपने दोस्तों को अस्पताल भेजा.
परिवार का दावा है कि अस्पताल पहुंचने पर दोस्तों ने विकास के गले और चेहरे पर चोट के कई निशान देखे. इसके अलावा उनका पेट फूला हुआ था, होंठ नीले पड़े थे और हाथ के अंगूठे पर स्याही के निशान भी मौजूद थे. इन परिस्थितियों ने परिवार के शक को और गहरा कर दिया.
पोस्टमार्टम के दौरान वीडियो बनाने पर धमकी देने का आरोप
प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि पारस अस्पताल से शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया था. इसी दौरान जब परिवार के लोग चोट के निशान और हाथ पर लगी स्याही का वीडियो बनाने लगे तो शिवानी शंकर की एक अधिवक्ता मित्र ने उन्हें धमकी दी. परिवार का आरोप है कि विकास कुमार की हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटकाकर पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई.
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की असली वजह जानने की कोशिश कर रही है.