Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट में रांची नगर निगम (RMC) में नक्शा पास से जुड़े मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और नगर निगम से कड़ा सवाल पूछा है। कोर्ट ने कहा कि जब पूरे राज्य में असिस्टेंट टाउन प्लानर नक्शा पास करने का काम कर रहे हैं, तो रांची नगर निगम में उन्हें यह जिम्मेदारी क्यों नहीं दी जा रही है।
कोर्ट के आदेश पर म्यूनिसिपल कमिश्नर हुए पेश
मामले में गौरव कुमार बेसरा की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट के आदेश के आलोक में रांची नगर निगम के म्यूनिसिपल कमिश्नर अदालत में उपस्थित हुए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि RMC में असिस्टेंट टाउन प्लानर के दो पदों पर नियुक्ति हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें नक्शा पास करने का वर्क चार्ज नहीं दिया गया। इसके बदले दूसरे विभागों से डेपुटेशन पर आए एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों से यह कार्य कराया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने पूछा, आदेश का पालन क्यों नहीं हो रहा?
खंडपीठ ने म्यूनिसिपल कमिश्नर से पूछा कि वे कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि 12 दिसंबर 2025 के आदेश पर रोक जरूर लगी है, लेकिन टाउन प्लानर से जुड़े मामलों में संबंधित अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में निर्णय ले सकते हैं या आवश्यक दस्तावेज विभाग को भेज सकते हैं।
कोर्ट ने इस मामले में म्यूनिसिपल कमिश्नर से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
कई बार मौका देने के बाद भी नहीं हुआ अनुपालन
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और संजय प्रसाद की खंडपीठ में हुई। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सोनम ने पक्ष रखा।
कोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में पाया था कि 22 जुलाई 2025 के आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है। अदालत ने कहा कि 12 नवंबर, 3 दिसंबर, 9 दिसंबर 2025 और 24 व 30 मार्च 2026 को भी पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं हुआ।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में झारखंड में असिस्टेंट टाउन प्लानर की नियुक्ति हुई थी। राज्य के कई जिलों में उनसे नक्शा पास करने का कार्य लिया जा रहा है, लेकिन रांची नगर निगम में अब तक उन्हें यह जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।