Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले के सैकड़ों युवाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में हो रही अत्यधिक देरी से नाराज अभ्यर्थियों ने मंगलवार को उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचकर एक मांग पत्र सौंपा। युवाओं का कहना है कि भर्ती का विज्ञापन निकले महीनों बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक शारीरिक दक्षता परीक्षा और अन्य प्रक्रियाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। इस अनिश्चितता के कारण जिले के बेरोजगार युवाओं में भारी निराशा और मानसिक तनाव देखा जा रहा है।
पड़ोसी जिलों का हवाला, विभागीय कार्यशैली पर सवाल
ज्ञापन सौंपने आए अभ्यर्थियों ने विभाग की कार्यप्रणाली की तुलना पड़ोसी जिलों से करते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। युवाओं का तर्क है कि 23 सितंबर 2025 को विज्ञापन जारी होने के बावजूद जमशेदपुर में मामला फाइलों में अटका हुआ है, जबकि पड़ोसी जिले सरायकेला-खरसावां में न केवल भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, बल्कि वहां की मेरिट लिस्ट भी जारी हो चुकी है। अभ्यर्थियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विज्ञापन पहले निकलने के बाद भी पूर्वी सिंहभूम जिला पिछड़ा हुआ है, जो विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
उम्र और भविष्य पर मंडराता खतरा
अभ्यर्थी अंकित कुमार, रोहित शर्मा और दीपक कुमार ने अन्य साथियों के साथ अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि बहाली में हो रही देरी उनके भविष्य पर भारी पड़ रही है। कई युवाओं की उम्र सीमा समाप्त होने के कगार पर है। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया है कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर इस "पुनीत कार्य" को जल्द संपन्न कराएं। युवाओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वे लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं और अब उनके पास और इंतजार करने का समय नहीं है।
आंदोलन की दी गई चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से अभ्यर्थियों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि अगर एक निश्चित समय सीमा के भीतर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तिथि घोषित नहीं की गई, तो उनका विरोध और भी उग्र रूप ले सकता है। युवाओं ने कहा कि वे अपने हक के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद बहाली प्रक्रिया में तेजी आएगी।