NEET Paper Leak: देशभर के लाखों मेडिकल छात्रों और उनके परिवारों के लिए इस साल की NEET परीक्षा बड़ा विवाद बन गई है. कथित पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने NEET 2026 परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है. 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा में करीब 2.2 मिलियन छात्रों ने हिस्सा लिया था. अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीख जल्द घोषित होने की बात कही गई है. इस पूरे मामले में महाराष्ट्र का नासिक शहर अचानक जांच के केंद्र में आ गया है. शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि NEET प्रश्नपत्र की पहली कॉपी यहीं से लीक हुई थी.
नासिक से शुरू हुआ पेपर लीक का पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आ रही, जानकारी के मुताबिक प्रश्नपत्र की शुरुआती कॉपी सबसे पहले नासिक से बाहर आई. इसके बाद यह पेपर हरियाणा पहुंचा, जहां इसके करीब 10 सेट तैयार किए गए. बताया जा रहा है कि हरियाणा से यह पेपर बिहार, आंध्र प्रदेश और जम्मू कश्मीर समेत कई राज्यों तक पहुंच गया. इस खुलासे ने परीक्षा कराने वाली एजेंसियों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. छात्र और अभिभावक अब पूरे सिस्टम की पारदर्शिता को लेकर चिंता जता रहे हैं.
CBI को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब NEET पेपर लीक की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI को सौंप दी है. CBI अब यह पता लगाने में जुटेगी कि पेपर लीक का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था. किन लोगों की इसमें भूमिका थी और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर कैसे पहुंचा. जांच एजेंसियां अलग अलग राज्यों में जुड़े लोगों और संस्थानों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं.
कौन है पेपर लीक का मास्टरमाइंड
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार जयपुर से गिरफ्तार किया गया मनीष इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है. जांच में दावा किया गया है कि मनीष को प्रश्नपत्र छपने से पहले ही संभावित सवालों की जानकारी मिल गई थी. एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसे यह जानकारी कहां से मिली और उसके नेटवर्क में कौन कौन शामिल था.
छात्रों के लिए आगे क्या होगा
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल छात्रों के भविष्य को लेकर उठ रहा है. लाखों छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी को लेकर मानसिक दबाव में हैं. NTA ने साफ किया है कि परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी. नई तारीख जल्द जारी होगी. छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पुराने परीक्षा केंद्र ही मान्य रहेंगे.
इसके अलावा नए एग्जाम के लिए किसी तरह की अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी. हालांकि परीक्षा के लिए नया एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा. एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल NTA की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें.
युवाओं के भविष्य पर बड़ा सवाल
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा पर गंभीर बहस शुरू हो गई है. छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि मेहनत करने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है. कई राजनीतिक नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सरकार और एजेंसियों को घेरा है. अब सभी की नजर CBI जांच और दोबारा होने वाली परीक्षा पर टिकी है. क्योंकि यह मामला सिर्फ एक परीक्षा का नहीं बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भरोसे और भविष्य से जुड़ा हुआ है.