Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-12

Jharkhand News: उत्पाद सिपाही धांधली मामले में 154 अभ्यर्थियों की जेल से रिहाई, कोर्ट परिसर में दिखा मेले जैसा नजारा

Jharkhand News: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपी 154 अभ्यर्थियों के लिए जेल के दरवाजे खुल गए हैं. कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद, इन सभी ने 20-20 हजार रुपये का बेल बॉन्ड और जमानतदार पेश किए. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसीजे योगेश कुमार की अदालत ने रिलीज ऑर्डर जारी किया, जिसके बाद सोमवार और मंगलवार को अभ्यर्थियों की रिहाई संभव हो सकी. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के कोर्ट पहुंचने से वहां भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे देख अन्य मुवक्किल भी हैरान रह गए.

सरगना अतुल वत्स समेत 8 मुख्य आरोपी अब भी सलाखों के पीछे
जहां एक ओर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को रिहाई मिल गई है, वहीं इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड अतुल वत्स और उसके गिरोह के सदस्य अब भी जेल में ही रहेंगे. मुख्य आरोपियों में विकास, आशीष, योगेश, मुकेश और बिहार से गिरफ्तार किए गए तीन अन्य सदस्य शामिल हैं. इनके अलावा पांच ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जिनकी जमानत पर अब तक फैसला नहीं हुआ है. पुलिस इन मुख्य किरदारों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने में लगी है ताकि इस संगठित गिरोह की कमर तोड़ी जा सके.

नर्सिंग कॉलेज में रटवाए जा रहे थे जवाब, ग्रामीणों ने खोला राज
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तमाड़ के रड़गांव स्थित एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में हुई छापेमारी से हुआ था. जांच में पाया गया कि परीक्षा से ठीक एक रात पहले अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर उत्तर रटवाए जा रहे थे. इस सौदेबाजी में अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ऐंठने की तैयारी थी. ग्रामीणों को वहां संदिग्ध गतिविधियां दिखने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद 166 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इस खुलासे ने राज्य की भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.

पुलिस की लापरवाही से टली सुनवाई, केस डायरी पर कोर्ट सख्त
इस मामले की कानूनी प्रक्रिया में पुलिस की सुस्ती भी सामने आई. तमाड़ पुलिस द्वारा समय पर केस डायरी पेश न करने के कारण आरोपियों की जमानत पर सुनवाई तीन बार टल चुकी थी. अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अंतिम चेतावनी दी थी, जिसके बाद डायरी पेश की गई. फिलहाल, मास्टरमाइंड और गिरोह के अन्य सदस्यों की रिमांड और आगे की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले के तार और कहां-कहां जुड़े हैं.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !