Jharkhand News: झारखंड में सामने आए कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य प्रसाद साहू ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में ट्रेजरी से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी ने संयुक्त बिहार के चर्चित पशुपालन घोटाले की याद ताजा कर दी है और यह मामला उससे भी बड़ा घोटाला साबित हो सकता है.
पत्र में कहा गया है कि प्रधान महालेखाकार की ओर से सरकार को भेजी गई जानकारी बेहद गंभीर है और इससे संकेत मिलता है कि अवैध निकासी का दायरा काफी बड़ा है. भाजपा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सिर्फ छोटे कर्मचारियों की नहीं, बल्कि सिस्टम और सत्ता से जुड़े लोगों की भूमिका भी हो सकती है. पार्टी ने सरकार की अब तक की कार्रवाई को अस्पष्ट और संदेहास्पद बताया है.
भाजपा ने कहा कि ट्रेजरी घोटाले की परतें लगातार खुल रही हैं, लेकिन सरकार केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही है. पार्टी ने आरोप लगाया कि एक-दो छोटे पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी दिखाकर सरकार गंभीरता का संदेश देने की कोशिश कर रही है, जबकि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
पत्र में राज्य सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की गई है, जिसमें यह बताया जाए कि किन-किन जिलों में कितनी अवैध निकासी हुई है और महालेखाकार ने किन गड़बड़ियों की ओर इशारा किया है. भाजपा ने यह भी पूछा है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और विभागों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है.
आदित्य प्रसाद साहू ने मुख्यमंत्री से पांच प्रमुख सवालों के जवाब भी मांगे हैं. इनमें अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों की जांच की स्थिति, ई-कुबेर पोर्टल में कथित छेड़छाड़, डीडीओ और ट्रेजरी अधिकारियों की भूमिका, ऑडिट और डेटा एनालिसिस की प्रक्रिया, जांच समितियों की समयसीमा और ट्रेजरी निरीक्षण से जुड़े मुद्दे शामिल हैं.
भाजपा ने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों पर वित्तीय निगरानी और ऑडिट की जिम्मेदारी थी, वही अब संदेह के घेरे में हैं. पार्टी ने कहा कि सरकार केवल यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कि जांच चल रही है.
पत्र के अंत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की है कि राज्य सरकार जल्द से जल्द ट्रेजरी घोटाले की जांच CBI से कराने की अनुशंसा करे, ताकि पूरे मामले का खुलासा हो सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.