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  • 2026-05-09

Jharkhand Railway News: कोल्हान में मेमू ट्रेनों की रफ्तार बेपटरी, गरीब यात्रियों का सफर बन रहा परेशानी

Jharkhand Railway News: कोल्हान और आसपास के इलाकों में रोज सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए मेमू ट्रेनें लगातार मुसीबत बनती जा रही हैं. 09 मई 2026 को कई महत्वपूर्ण मेमू ट्रेनें घंटों की देरी से चलीं, जिससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और मजदूर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. यात्रियों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से मेमू सेवाओं की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन सुधार के लिए कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा.


कई मेमू ट्रेनें घंटों लेट, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

चक्रधरपुर–टाटा मेमू (68010) सुबह 06:00 बजे चक्रधरपुर से रवाना हुई. ट्रेन को 07:50 बजे टाटानगर पहुंचना था, लेकिन यह 07:59 बजे पहुंची. 62 किलोमीटर का सफर, जो सामान्य तौर पर 1 घंटा 50 मिनट में पूरा होना चाहिए था, उसमें 1 घंटा 59 मिनट लगे.

राउरकेला–टाटा मेमू (68044) की स्थिति और भी खराब रही. ट्रेन सुबह 05:10 बजे राउरकेला से खुली थी और इसे 09:20 बजे टाटानगर पहुंचना था, लेकिन यह 10:41 बजे पहुंची. इस तरह ट्रेन 1 घंटा 21 मिनट लेट रही. 163 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेन को 5 घंटे 31 मिनट लग गए, जबकि निर्धारित समय 4 घंटे 10 मिनट था.

बड़बिल–टाटा मेमू (68126) भी भारी देरी का शिकार रही. ट्रेन सुबह 06:15 बजे बड़बिल से रवाना हुई थी और 10:10 बजे टाटा पहुंचने का समय था, लेकिन ट्रेन 11:56 बजे पहुंची. यानी ट्रेन 1 घंटा 46 मिनट लेट रही. 150 किलोमीटर का सफर तय करने में लगभग 6 घंटे लग गए.

वहीं पुरुलिया–झाड़ग्राम मेमू (68024) ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी. ट्रेन सुबह 09:50 बजे पुरुलिया से चली थी और 12:02 बजे टाटा पहुंचने का समय था, लेकिन यह 14:51 बजे पहुंची. 90 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेन को पूरे 5 घंटे लगे और ट्रेन लगभग 3 घंटे देरी से चली.

रोजाना सफर करने वाले यात्रियों में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार हो रही देरी से सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक यात्रियों को हो रही है. नौकरीपेशा लोग समय पर दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जबकि छात्रों और मजदूरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यात्रियों का कहना है कि मेमू ट्रेनें गरीब और मध्यम वर्ग की सबसे सस्ती और जरूरी यातायात सुविधा हैं, लेकिन अब यही ट्रेनें सबसे अविश्वसनीय बनती जा रही हैं.

लोगों का आरोप है कि रेलवे बड़े प्रोजेक्ट और हाईस्पीड ट्रेनों पर ध्यान दे रहा है, जबकि कोल्हान क्षेत्र की सामान्य यात्री सेवाएं लगातार बदहाल होती जा रही हैं. यात्रियों ने मेमू ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था सुधारने और परिचालन व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है.

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