Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-07

Jharkhand News: झारखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी, मेडिकल काउंसिल नियमों में बदलाव पर मंथन

Jharkhand: झारखंड में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार अब मेडिकल काउंसिल से जुड़े नियमों में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड मेडिकल काउंसिल से संबंधित नियमों की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता नोडल पदाधिकारी छवि रंजन ने की, जबकि अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और झारखंड मेडिकल काउंसिल के प्रतिनिधियों ने भी अपनी भागीदारी निभाई। इस दौरान झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल रूल 2023 के रूल नंबर 55 पर विस्तार से चर्चा की गई और उसमें व्यावहारिक बदलाव की जरूरत पर विचार किया गया।

दूसरे राज्यों से आने वाले डॉक्टरों को हो रही थी दिक्कत
बैठक में यह बात सामने आई कि वर्तमान व्यवस्था के तहत झारखंड में सेवा देने वाले सभी डॉक्टरों के लिए राज्य मेडिकल काउंसिल में निबंधन अनिवार्य है। ऐसे में दूसरे राज्यों से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी झारखंड मेडिकल काउंसिल में अलग से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है, जबकि वे पहले से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या अन्य राज्यों की मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत रहते हैं। इस प्रक्रिया के कारण कई डॉक्टरों को प्रशासनिक और तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसका असर राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता पर भी पड़ रहा था, क्योंकि कई चिकित्सक जटिल प्रक्रिया के कारण यहां सेवाएं देने से बच रहे थे।

नियमों में संशोधन को लेकर सरकार को भेजे जाएंगे सुझाव
बैठक के दौरान सभी पक्षों के बीच इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई और इस बात पर सहमति बनी कि रूल नंबर 55 में संशोधन के लिए सरकार को आवश्यक सुझाव भेजे जाएंगे। प्रस्तावित संशोधन का मुख्य उद्देश्य यह है कि दूसरे राज्यों से आने वाले योग्य और पहले से पंजीकृत डॉक्टरों को झारखंड में आसानी से प्रैक्टिस करने की सुविधा मिल सके। अधिकारियों का मानना है कि इससे राज्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा। विभाग की ओर से संकेत दिए गए हैं कि सरकार स्तर पर इन सुझावों पर आगे कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुगम बनाया जा सके।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !