Gamharia: गम्हरिया थाना क्षेत्र के ऊषा मोड़ स्थित एक किराए के मकान परिसर में हुए विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। घटना के बाद जानलेवा हमले, पुलिस कार्रवाई और कुछ महिला समितियों की भूमिका को लेकर इलाके में लगातार चर्चा तेज हो गई है। पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
दिनेश सिंह पर हमला करने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार रवि मंडल के बहनोई दिनेश सिंह पर पड़ोस में रहने वाले सुशील लोहार और उसके साथ आए कुछ बाहरी युवकों द्वारा कथित रूप से हमला किया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद गम्हरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लेकर थाना ले गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
थाने में दबाव बनाने की कोशिश का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद कुछ महिला और पुरुष थाना पहुंचे और आरोपियों के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश करने लगे। उनका कहना है कि पूरे मामले को दूसरी दिशा देने का प्रयास किया गया और पीड़ित पक्ष के खिलाफ अलग कहानी पेश की गई। पीड़ित परिवार का दावा है कि दिनेश सिंह को साजिश के तहत निशाना बनाया गया और बाद में मामले को पलटने की कोशिश की गई।
स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि जिस मकान परिसर में विवाद हुआ, वहां लगभग 15 से 20 परिवार रहते हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक यदि किसी महिला के साथ गलत व्यवहार हुआ होता, तो सीधे पुलिस को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए थी। लोगों का कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।
महिला समितियों की भूमिका को लेकर विवाद
घटना के बाद कुछ महिला समितियों की सक्रियता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ लोग महिला संगठनों का इस्तेमाल दबाव बनाने और विवादित मामलों को प्रभावित करने के लिए कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला सुरक्षा बेहद संवेदनशील विषय है, लेकिन यदि किसी निर्दोष को फंसाने या आरोपियों को बचाने के लिए महिला समूहों का उपयोग किया जाता है, तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है और महिला अधिकार आंदोलनों की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल
पीड़ित पक्ष ने गम्हरिया थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि घायल दिनेश सिंह को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बिना स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया, जबकि घटना में कई लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। इसको लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग तेज
घटना के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही थाना परिसर में दबाव बनाने और हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग उठ रही है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।