Giridih News: गिरिडीह जिले के जमुआ देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित टिकामघा के हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है. यहां ग्राहकों को साधारण प्लास्टिक बोतलों और डब्बों में पेट्रोल दिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. यह प्रथा न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि संभावित हादसों को भी न्योता दे रही है.
कानूनी नियमों के खिलाफ बिक्री, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
पेट्रोलियम अधिनियम 1934 और वर्ष 2002 के सुरक्षा मानकों के अनुसार ज्वलनशील पदार्थों की बिक्री केवल निर्धारित और स्वीकृत धातु के कंटेनरों में ही की जा सकती है. इसके बावजूद संबंधित पेट्रोल पंप पर बड़ी संख्या में लोगों को प्लास्टिक बोतलों में पेट्रोल दिया जा रहा है. इस तरह की बिक्री पूरी तरह अवैध मानी जाती है और इससे आग जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है.
लंबे समय से जारी गतिविधि, बिचौलियों की भूमिका भी सामने आई
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यह गतिविधि कोई नई नहीं है, बल्कि काफी समय से जारी है. हालांकि अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. जानकारी के अनुसार यह पेट्रोल पंप बिहार के नालंदा निवासी प्रेम कुमार द्वारा लीज पर संचालित किया जा रहा है. इसी बीच क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की कमी की स्थिति भी बनी हुई है. आरोप है कि बिचौलिए यहां से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदकर दूरदराज इलाकों में ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं. इससे एक ओर कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं आम लोगों को ईंधन के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है.
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल, संपर्क के प्रयास भी विफल
स्थानीय लोगों का कहना है कि ईंधन की कमी और फैल रही अफवाहों के बीच इस तरह की गैरकानूनी बिक्री से हालात और बिगड़ रहे हैं. सबसे अहम बात यह है कि इतने गंभीर मामले के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है. संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश भी की गई, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया.
पूरा मामला सुरक्षा, कानून पालन और प्रशासनिक सक्रियता पर सवाल खड़ा करता है. अब यह देखना अहम होगा कि इस पर कब तक कार्रवाई होती है और क्या इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकेगी.