Ranchi News : झारखंड की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया है। राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्णा किशोर ने अपनी ही पार्टी की कार्यशैली और फैसलों पर गंभीर सवाल उठाते हुए ‘दोहरे मापदंड’ का आरोप लगाया है।
नेताओं के साथ अलग-अलग व्यवहार पर जताई आपत्ति
वित्त मंत्री ने कहा कि पार्टी में कुछ नेताओं के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जा रहा है, जो संगठन के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक ओर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को तीन वर्षों के लिए निष्कासित किया गया, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक रूप से पार्टी की आलोचना करने वाली रमा खलको को चुनाव प्रबंधन समिति में शामिल किया गया।
बड़ी समिति गठन पर भी उठाए सवाल
राधा कृष्णा किशोर ने 81 सीटों वाली विधानसभा के लिए 300 से अधिक सदस्यों की बड़ी समिति बनाए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इतनी बड़ी समिति कितनी प्रभावी होगी, यह स्पष्ट नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और संगठन कमजोर हो सकता है।
चुनावी नतीजों से सबक लेने की दी सलाह
उन्होंने पार्टी नेतृत्व को सुझाव दिया कि हाल के चुनाव परिणामों से सबक लेते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए स्पष्ट और ठोस फैसले लेने चाहिए। उनके इस बयान से झारखंड कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान उजागर हो गई है।
यह मामला सत्तारूढ़ दल के भीतर बढ़ती असहमति और संगठनात्मक चुनौतियों की ओर इशारा करता है, जो आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।