- 2026-05-04
Election Results 2026 Live: बंगाल में भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस कड़े मुकाबले में वोटों का गणित इस प्रकार रहा:
सुवेंदु अधिकारी (भाजपा): 73,463 वोट
ममता बनर्जी (टीएमसी): 58,349 वोट
जीत का अंतर: 15,114 वोट
भवानीपुर में मिली इस हार के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि उनके कई कैबिनेट मंत्री भी अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं. वहीं, सुवेंदु अधिकारी की इस जीत ने बंगाल में भाजपा की प्रचंड लहर को और मजबूती दी है, जहाँ पार्टी अब 204 सीटों पर बढ़त के साथ ऐतिहासिक जीत की ओर है.
राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मतगणना जारी है और "नवान्न" सहित प्रमुख सरकारी दफ्तरों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. ममता बनर्जी खुद मतगणना केंद्र पर मौजूद थीं, लेकिन अंतिम दौर के आंकड़ों ने सुवेंदु अधिकारी के पक्ष में जीत का फैसला सुनाया.
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तमिलनाडु की राजनीति में आज एक बड़ा उलटफेर हुआ है, जहां मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए हैं. टीवीके (TVK) के वीएस बाबू ने उन्हें 8,795 वोटों के अंतर से पराजित किया. वीएस बाबू को कुल 82,997 वोट मिले, जबकि स्टालिन को 74,202 वोटों पर संतोष करना पड़ा. स्टालिन 2011 से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और वे तमिलनाडु के पहले ऐसे डीएमके मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्हें सत्ता में रहते हुए अपनी सीट गंवानी पड़ी है.

तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में करीब तीन दशक बाद किसी मौजूदा मुख्यमंत्री की ऐसी हार हुई है. इससे पहले 1996 में जे. जयललिता बरगुर सीट से हारी थीं. स्टालिन अब पीएस कुमारस्वामी राजा (1952), एम भक्तवत्सलम (1967) और जे. जयललिता (1996) के बाद अपनी सीट हारने वाले राज्य के चौथे सिटिंग मुख्यमंत्री बन गए हैं. यह हार द्रविड़ राजनीति के दशकों पुराने दबदबे को मिली एक कड़ी चुनौती के रूप में देखी जा रही है.
उधर केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) बड़ी जीत की ओर अग्रसर है, जहाँ गठबंधन के उम्मीदवार 140 में से 102 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ एलडीएफ (LDF) मात्र 35 सीटों पर ही सिमटता नजर आ रहा है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इस शानदार जनादेश के लिए राज्य की जनता का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने विशेष रूप से वायनाड की सभी 7 सीटों पर मिली जीत को यूडीएफ पर जनता के गहरे भरोसे का प्रतीक बताया है.
लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की इस करारी शिकस्त पर सीपीएम ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वे जनता के इस फैसले का सम्मान करते हैं और उन कारणों की विस्तार से पड़ताल करेंगे जिनकी वजह से गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा. पार्टी ने भविष्य में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाने और धर्मनिरपेक्षता व लोकतंत्र के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया है. इसके साथ ही, पार्टी के बयान में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को लगे झटके का भी उल्लेख किया गया है.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा अब तक 9 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और 189 सीटों पर पार्टी की बढ़त बरकरार है. कुल मिलाकर भाजपा 204 सीटों पर निर्णायक बढ़त बनाए हुए है, जिसे राज्य में पार्टी की जबरदस्त लहर के रूप में देखा जा रहा है. इस बड़ी सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को बधाई दी है.

भाजपा ने कालिम्पोंग, दार्जिलिंग, मान्टेश्वर, भातर, मेदिनीपुर, बर्वान, खारडाह, जमुरिया और आसनसोल दक्षिण जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर जीत का परचम लहराया है. कालिम्पोंग से भरत कुमार छेत्री ने 21,464 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है, जबकि आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पॉल ने 40,839 वोटों के बड़े अंतर से अपनी सीट जीती है. मेदिनीपुर से शंकर कुमार गुच्छैत भी 38,747 वोटों के अंतर से विजयी रहे हैं.
पूर्वी बर्धमान जिले में भी भाजपा का दबदबा दिखा है, जहाँ मान्टेश्वर सीट से सैकत पांजा ने 14,798 वोटों और भातर सीट से करफा सौमेन ने 6,528 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है. इसके अलावा, दार्जिलिंग क्षेत्र में नोमान राय ने 6,057 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. दूसरी ओर, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और वह अब तक केवल एक सीट पर ही जीत दर्ज कर पाई है.
असम और पुडुचेरी में भी बीजेपी गठबंधन सरकार बनाने की ओर अग्रसर है, जबकि दक्षिण भारत के रुझान कुछ अलग कहानी कह रहे हैं. तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और केरल में यूडीएफ (UDF) 101 सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रहा है. इन परिणामों ने देश के राजनीतिक मानचित्र पर नए समीकरण पेश किए हैं.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है. ताजा रुझानों के अनुसार, राज्य की 293 सीटों में से बीजेपी 196 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मात्र 91 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है. ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल के 13 मंत्री अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं, हालांकि ममता बनर्जी स्वयं भवानीपुर सीट पर 13 राउंड की गिनती के बाद 5,349 वोटों से आगे हैं. वहीं, कांग्रेस और वाम मोर्चा की स्थिति बेहद दयनीय है और वे केवल 2-3 सीटों पर ही बढ़त बना पाए हैं.
असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी ने अपना दबदबा कायम रखा है और 100 सीटों पर बढ़त के साथ सत्ता में वापसी कर रही है. कांग्रेस यहां मात्र 22 सीटों पर आगे है, और पार्टी प्रमुख गौरव गोगोई अपनी ही सीट पर 10 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं. गोगोई ने मतगणना की धीमी गति पर सवाल भी उठाए हैं, जबकि बीजेपी के दिग्गज नेता इसे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सरमा की नीतियों पर जनता का भरोसा बता रहे हैं.
दक्षिण भारत के परिणामों ने सबको चौंका दिया है. तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसने डीएमके और एआईएडीएमके जैसी स्थापित द्रविड़ पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है. केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत हैं, जहां यूडीएफ (UDF) 101 सीटों पर बढ़त के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर चुका है, जबकि सत्तारूढ़ एलडीएफ मात्र 36 सीटों पर सिमट गया है.
पुडुचेरी में भी एनडीए (NDA) 17 सीटों पर बढ़त के साथ सरकार बनाने की स्थिति में है. इन चुनावी रुझानों ने देश के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है, जहां एक तरफ बीजेपी ने पूर्वी भारत में अपना किला मजबूत किया है, वहीं दक्षिण में नए राजनीतिक चेहरों और यूडीएफ गठबंधन को जनता का साथ मिला है. मतगणना के अंतिम दौर अभी जारी हैं, लेकिन सत्ता की तस्वीर अब लगभग साफ हो चुकी है.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के रुझानों में भाजपा की जबरदस्त लहर के बीच कांग्रेस और वाम मोर्चा की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है. वाम मोर्चा केवल एक सीट पर और कांग्रेस मात्र दो सीटों पर आगे चल रही है, जबकि पिछले चुनाव में ये दोनों पार्टियां अपना खाता भी नहीं खोल पाई थीं. कांग्रेस मुर्शिदाबाद जिले के रानीनगर और फरक्का में, जबकि माकपा डोमकल सीट पर बढ़त बनाए हुए है; गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद में पिछले साल वक्फ अधिनियम विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सांप्रदायिक हिंसा हुई थी.

तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता विजय की पार्टी “तमिझागा वेत्री कड़गम” (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में नया इतिहास रच दिया है. विजय की पार्टी डीएमके और एआईएडीएमके जैसी स्थापित द्रविड़ पार्टियों को पछाड़ती नज़र आ रही है, जो 1967 के बाद से राज्य की राजनीति में एक अभूतपूर्व घटना है. एमजीआर के बाद विजय पहले ऐसे नेता बनकर उभरे हैं जिन्होंने अपने पहले ही चुनाव में सत्ता के प्रमुख दावेदारों को पीछे छोड़कर जनता के बीच अपने जबरदस्त असर को साबित कर दिया है.
विजय का फिल्मी सफर 33 साल पहले एक "संकोची हीरो" के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन आज वे राजनीति में एक नई और आक्रामक शैली अपना रहे हैं. “नालैया थीरपू” जैसी शुरुआती असफलताओं के बाद उन्हें “पूवे उनक्कागा” से असली पहचान मिली थी, जिसने उन्हें पारिवारिक दर्शकों से जोड़ा. 2010 के बाद “मर्सल” और “सरकार” जैसी फिल्मों ने उनकी छवि एक ऐसे जननेता के रूप में स्थापित की, जिसकी तुलना अक्सर एम.जी. रामचंद्रन से की जाती है.
विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षा धीरे-धीरे परवान चढ़ी और उन्होंने स्पष्ट किया था कि "मंच से आगे बढ़कर मदद करने के लिए सत्ता हाथ में होना जरूरी है." उनके निजी जीवन की सादगी और फिल्मी करियर के संघर्ष ने उन्हें जनता के बीच एक भरोसेमंद चेहरा बना दिया है. आज के रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि तमिलनाडु की जनता ने दशकों पुराने द्रविड़ वर्चस्व को चुनौती देते हुए विजय के नेतृत्व में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत पर मुहर लगा दी है.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना अब अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है. राज्य की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर 13 राउंड की गिनती के बाद स्थिति बेहद रोमांचक हो गई है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 5,349 वोटों की बढ़त के साथ सुवेंदु अधिकारी से आगे चल रही हैं. हालांकि, केंद्र पर गहमागहमी बढ़ने के बाद भवानीपुर में वोटों की गिनती फिलहाल रोक दी गई है और ममता बनर्जी स्वयं मतगणना केंद्र पर पहुंच गई हैं, जहां भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद हैं.
चुनाव आयोग ने अब तक राज्य की 6 सीटों के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं, जिनमें भाजपा ने अपना दबदबा साबित किया है. भाजपा के भरत कुमार छेत्री ने कालिम्पोङ्ग से, शंकर कुमार गुछैत ने मेदीनिपुर से और अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल दक्षिण से शानदार जीत दर्ज की है. इनके अलावा भाजपा उम्मीदवार सैकत पांजा ने मान्टेश्वर से और कार्फा सौमेन ने भातर सीट से जीत हासिल की है, जबकि दार्जिलिंग सीट से नोमान राई विजयी रहे हैं.
राज्य के समग्र रुझानों में भाजपा 185 से 194 सीटों पर बढ़त बनाकर प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ रही है. दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस मात्र 100 सीटों के आसपास सिमटती नजर आ रही है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल के 34 में से 13 मंत्री अपनी-अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं. टीएमसी उम्मीदवार मदन मित्रा ने इन नतीजों पर हैरानी जताते हुए जांच की मांग की है, क्योंकि कई क्षेत्रों में पार्टी को अपने गढ़ों में भी हार का सामना करना पड़ रहा है.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) निर्णायक जीत की ओर बढ़ रही है. अब तक के रुझानों में भाजपा 185 से 194 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) मात्र 92 से 100 सीटों के बीच संघर्ष कर रही है.
घोषित नतीजे और प्रमुख जीत
चुनाव आयोग द्वारा अब तक दो सीटों के नतीजे आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए गए हैं:
• मोंटेश्वर: भाजपा के सैकात पांजा ने तृणमूल के चौधरी सिद्दीकुल्ला को 14,798 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की है.
• भगवानगोला: तृणमूल कांग्रेस के रेयात हुसैन सरकार ने 56,407 मतों के विशाल अंतर से जीत हासिल कर अपनी सीट बचा ली है.
• अन्य जीत: रुझानों के अनुसार, कालिम्पोंग से भाजपा के भारत कुमार छेत्री, भातार से भाजपा के करफा सौमेन और आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पॉल ने भी जीत दर्ज कर ली है.
भवानीपुर में ममता बनर्जी की स्थिति
कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. शुरुआती राउंड में पिछड़ने के बाद, 11वें दौर की गिनती तक वे भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से 9,000 से अधिक मतों से आगे चल रही हैं. ममता बनर्जी स्वयं कोलकाता के सखावत मेमोरियल काउंटिंग हॉल पहुंची हैं, जहाँ वे मतगणना की प्रक्रिया पर नजर रख रही हैं.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भाजपा की प्रचंड जीत की संभावना को देखते हुए राज्य प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह "अलर्ट मोड" पर है. राज्य सचिवालय "नवान्न" और प्रमुख सरकारी दफ्तरों को सुरक्षा के लिहाज से छावनी में तब्दील कर दिया गया है. केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में बीजेपी की भारी बढ़त ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर खलबली मचा दी है. उत्तर 24 परगना की कमरहाटी सीट से टीएमसी उम्मीदवार मदन मित्रा ने रुझानों पर गहरा आश्चर्य व्यक्त करते हुए मामले की जांच की मांग की है.
मित्रा का कहना है कि जो नतीजे सामने आ रहे हैं, वे जमीन पर पड़े वोटों से मेल नहीं खाते.मदन मित्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम पर गहन शोध और जांच होनी चाहिए कि आखिर यह सब कैसे हुआ.
उन्होंने दावा किया कि वे क्षेत्र के मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और वोट तृणमूल के पक्ष में ही पड़े थे, लेकिन ईवीएम से निकलने वाले आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.रुझानों में बीजेपी की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मित्रा ने स्वीकार किया कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह का "एक और कार्यकाल" का दावा नतीजों में सही साबित होता दिख रहा है.
उन्होंने कहा कि फिलहाल वे इस पर अधिक कुछ नहीं कह सकते और अब पार्टी ही इस विषय पर आधिकारिक रुख स्पष्ट करेगी.गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के ताजा रुझानों में बीजेपी 159 से 185 सीटों के बीच बढ़त बनाकर क्लीन स्वीप की ओर बढ़ रही है. वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 34 में से 13 मंत्री अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं, जो राज्य में बड़े सत्ता परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है.
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हालांकि, उनकी कैबिनेट के लिए रुझान काफी चिंताजनक हैं. ममता सरकार के 34 में से 13 मंत्री वर्तमान में अपनी-अपनी सीटों से पीछे चल रहे हैं.पिछड़ने वाले प्रमुख चेहरेटीएमसी के कई कद्दावर नेता और मंत्री अपनी साख बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. पिछड़ने वाले प्रमुख मंत्रियों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
• उदयन गुहा• सिद्धिकुल्ला चौधरी• मलय घटक• शशि पंजा
सत्ता के समीकरणराज्य की 293 सीटों में से बीजेपी की 185 सीटों पर बढ़त ने टीएमसी के सत्ता में बने रहने की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है. जहां ममता बनर्जी व्यक्तिगत रूप से अपनी सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं, वहीं उनकी पार्टी के मंत्रियों का बड़े पैमाने पर पिछड़ना राज्य में "सत्ता विरोधी लहर" को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा है. मतगणना के अगले दौर निर्णायक होंगे, लेकिन फिलहाल पलड़ा बीजेपी के पक्ष में झुकता दिख रहा है.
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असम विधानसभा चुनाव की मतगणना के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) निर्णायक और जबरदस्त जीत की ओर बढ़ रही है. असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने इस परिणाम को एक "ऐतिहासिक जनादेश" बताया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भरोसा जताने के लिए जनता का धन्यवाद किया है. बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी कहा कि रुझान पार्टी की स्पष्ट जीत का संकेत दे रहे हैं.
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टीवीके प्रमुख विजय खुद दो सीटों, पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली (पूर्व) से चुनाव लड़ रहे हैं और दोनों ही जगह वे अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए हैं. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ताज़ा रुझानों के अनुसार, पेरम्बूर सीट पर विजय 2,990 से अधिक वोटों के अंतर से आगे चल रहे हैं. वहीं, तिरुचिरापल्ली (पूर्व) निर्वाचन क्षेत्र में उनकी बढ़त का आंकड़ा 3,299 वोटों को पार कर चुका है.
तमिलनाडु के इन रुझानों ने सत्ताधारी डीएमके गठबंधन के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाले गठबंधन को पछाड़ते हुए टीवीके और एआईएडीएमके के बीच अब मुख्य मुकाबला देखा जा रहा है. विजय की इस शानदार बढ़त ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तमिलनाडु की जनता ने बदलाव के लिए उनके "सुपरहिट" राजनीतिक डेब्यू को पूरे दिल से स्वीकार किया है.
जैसे-जैसे मतगणना के अगले राउंड पूरे हो रहे हैं, टीवीके मुख्यालय के बाहर समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है. शुरुआती रुझानों ने यह संकेत दे दिया है कि तमिलनाडु में इस बार सत्ता की चाबी अभिनेता विजय के हाथ में हो सकती है. पूरे देश की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विजय का यह जादुई प्रदर्शन उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तक ले जा पाएगा.
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केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. चुनाव आयोग के ताज़ा रुझानों के अनुसार, राज्य की 140 सीटों में से UDF 90 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सत्तारूढ़ एलडीएफ (LDF) 50 सीटों के नीचे सिमटती दिख रही है.
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने रुझानों पर खुशी जताते हुए कहा कि यूडीएफ ने 89 का आंकड़ा पार कर लिया है और अब 100 सीटों के लक्ष्य से हम मात्र 11 सीटें दूर हैं. उन्होंने इस जीत को केरल की जनता का "एंटी-इनकंबेंसी" (सत्ता विरोधी लहर) के प्रति समर्थन बताया और कहा कि यह मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार की विफलताओं का नतीजा है.
प्रमुख दिग्गज और हाई-प्रोफाइल सीटें
• पिनाराई विजयन (Dharmadam): मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपनी पारंपरिक सीट धर्मदम से पीछे चल रहे हैं, जहाँ कांग्रेस के वीपी अब्दुल रशीद ने बढ़त बना ली है.
• एम.बी. राजेश (Thrithala): एलडीएफ के कद्दावर मंत्री एम.बी. राजेश भी अपनी सीट पर यूडीएफ उम्मीदवार से पिछड़ते नजर आ रहे हैं.
• बीजेपी का खाता: शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले एनडीए को भी 3 से 5 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है.
सत्ता परिवर्तन की ओर केरल
केरल में हर पांच साल में सत्ता बदलने की पुरानी परंपरा इस बार भी लौटती दिख रही है. एग्जिट पोल के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए यूडीएफ एकतरफा जीत की ओर बढ़ रहा है. कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है और पार्टी इसे अपनी नीतियों और जनता के भरोसे की जीत मान रही है.
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आज 4 मई 2026 को पांच राज्यों की मतगणना जारी है. ताज़ा रुझानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में बीजेपी 135 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि टीएमसी 107 सीटों पर सिमटती दिख रही है. असम में भी बीजेपी गठबंधन 84 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत की ओर है, जहाँ कांग्रेस केवल 28 सीटों पर ही बढ़त बना पाई है.
केरल: यूडीएफ 90+ सीटों के साथ बहुमत के पारकेरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं. कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) 90 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का एलडीएफ (LDF) केवल 40 सीटों के आसपास ही संघर्ष कर रहा है. भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) ने भी 5 सीटों पर अपनी बढ़त दर्ज कराई है.
तमिलनाडु: अभिनेता विजय की टीवीके का शानदार आगाज़तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) 100 सीटों के आंकड़े को पार कर गई है. वर्तमान रुझानों में टीवीके और एआईएडीएमके के बीच कांटे की टक्कर है, जहाँ एआईएडीएमके 63 और डीएमके 41 सीटों पर आगे है. अभिनेता विजय खुद तिरुचि ईस्ट सीट से अपने प्रतिद्वंद्वी से 3,299 वोटों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं.
पुडुचेरी: एआईएनआरसी फिर से सत्ता के करीबकेंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सत्ताधारी AINRC 8 सीटों के साथ सबसे आगे चल रही है. कांग्रेस गठबंधन यहाँ भी पिछड़ रहा है और केवल 2 सीटों पर ही अपनी बढ़त बना पाया है. राज्य में करीब 90% का रिकॉर्ड मतदान हुआ था, जिसके नतीजे अब एनडीए के पक्ष में झुकते दिखाई दे रहे हैं.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मजबूत स्थिति को देखते हुए भवानीपुर में जश्न का माहौल शुरू हो गया है. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर "जय श्री राम" के नारे लगाने शुरू कर दिए हैं और जीत के भरोसे के साथ मिठाई व झालमुड़ी बांटी जा रही है. वर्तमान रुझानों में बीजेपी 139 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि टीएमसी 103 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है.
नंदीग्राम और भवानीपुर से बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने शुरुआती रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे "हिंदुओं का एकीकरण" करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस बार मुस्लिम मतदाताओं का रुख भी बदला है; वे पूरी तरह टीएमसी के साथ नहीं रहे और उनके वोट अन्य मुस्लिम-समर्थक पार्टियों में बंट गए हैं. सुवेंदु ने नंदीग्राम के मुस्लिम बूथों पर बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया और इसे प्रधानमंत्री मोदी की "बंगाल बनाने की गारंटी" की जीत बताया.
सुवेंदु अधिकारी ने फिलहाल कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की सलाह दी है और कहा है कि जीत की स्पष्ट तस्वीर सुबह 11:00 बजे के बाद ही साझा करेंगे. हालांकि, भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में सुवेंदु के जयकारे और जश्न की शुरुआत ने बीजेपी के बढ़ते आत्मविश्वास को जाहिर कर दिया है. बीजेपी नेता का मानना है कि इस बार तुष्टीकरण की राजनीति के बजाय विकास और एकीकरण के मुद्दे पर जनता ने मुहर लगाई है.
बंगाल में 293 सीटों के रुझानों ने अब सत्ता परिवर्तन की आहट तेज कर दी है. बीजेपी बहुमत के जादुई आंकड़े (148) के बेहद करीब पहुंच रही है, जिससे टीएमसी खेमे में खामोशी और बीजेपी में उत्साह का संचार हो गया है. जैसे-जैसे मतगणना के अगले चरण पूरे हो रहे हैं, बंगाल की गलियों में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदलते दिखाई दे रहे हैं.
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इस मतगणना में एक बड़ा उलटफेर श्यामपुर सीट से देखने को मिल रहा है. यहाँ से लगातार तीन बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगा चुकीं टीएमसी की शशिपंजा फिलहाल पीछे चल रही हैं. इस सीट पर बीजेपी ने बढ़त बना ली है, जिसे टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. इसके अलावा राज्य के अन्य दल और निर्दलीय उम्मीदवार 3 सीटों पर आगे चल रहे हैं.
बीजेपी और टीएमसी के बीच 118 सीटों की यह बराबरी दर्शाती है कि बंगाल का चुनाव परिणाम अंतिम समय तक किसी भी तरफ पलट सकता है. सुबह से चल रही वोटों की गिनती में दोनों दलों के बीच बढ़त और पिछड़ने का खेल लगातार जारी है. कोलकाता से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के रुझानों ने राजनीतिक पंडितों को भी हैरान कर दिया है.
फिलहाल सभी की नजरें उन सीटों पर टिकी हैं जहाँ जीत-हार का अंतर बहुत कम है. जैसे-जैसे मतगणना के अगले राउंड पूरे होंगे, यह बराबरी का मुकाबला किसी एक पक्ष में झुक सकता है. चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर तक स्थिति और भी स्पष्ट होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल बंगाल में "नेक-टू-नेक" फाइट जारी है.
बांकुड़ा में बीजेपी का दबदबा
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ताजा रुझानों में मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) फिलहाल 120 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए 110 सीटों पर बढ़त बना ली है. राज्य के विभिन्न हिस्सों से आ रहे आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता की यह लड़ाई अंतिम दौर तक कांटे की होने वाली है.
- ताजा रुझानों के अनुसार, असम की कुल सीटों में से बीजेपी 68 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस फिलहाल 12 सीटों पर आगे चल रही है. इसके अलावा, अन्य क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 2 सीटों पर अपनी बढ़त दर्ज कराई है. शुरुआती आंकड़ों ने राज्य में एक बार फिर भाजपा सरकार की वापसी के मजबूत संकेत दे दिए हैं.
- असम के विभिन्न मतगणना केंद्रों से मिल रहे इन आंकड़ों ने बीजेपी खेमे में उत्साह भर दिया है. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पार्टी ने विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर चुनाव लड़ा था, जिसका असर अब परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है. कांग्रेस गठबंधन फिलहाल उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है और कई महत्वपूर्ण सीटों पर उसके उम्मीदवार पीछे चल रहे हैं.