Jamshedpur: बिरसानगर इलाके में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान पाने वाले 200 से अधिक लाभार्थियों ने रविवार की सुबह जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित आवास पर पहुंचकर अपनी समस्या रखी। इन लोगों ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत निर्धारित पूरी राशि जमा कर दी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक उन्हें उनके मकानों का कब्जा नहीं मिला है। इस देरी के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लोगों की पीड़ा सुनकर मौके पर भावुक माहौल भी देखने को मिला, जहां हर कोई अपने घर का सपना अधूरा रह जाने की बात कहता नजर आया।
किराया और लोन की मार ने बढ़ाई मुश्किलें
लाभार्थियों ने बताया कि वे फिलहाल किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं, जहां हर महीने भारी-भरकम किराया देना पड़ रहा है। इसके साथ ही नए घर के लिए बैंक से लिया गया कर्ज भी उनके ऊपर बोझ बन गया है, जिसकी ईएमआई लगातार चुकानी पड़ रही है। इस दोहरी आर्थिक मार ने कई परिवारों की हालत बेहद खराब कर दी है। उनका कहना है कि अगर समय पर मकान मिल जाता, तो वे इस तरह की परेशानियों से बच सकते थे, लेकिन विभागीय लापरवाही ने उन्हें संकट में डाल दिया है।
निर्माण कार्य अधूरा, एजेंसी पर उठे सवाल
मामले को लेकर सरयू राय ने कहा कि बिरसानगर में कुल 21 ब्लॉक बनने थे, लेकिन अब तक केवल दो ही ब्लॉक तैयार हो पाए हैं। इन ब्लॉकों में आवंटन भी हो चुका है, लेकिन बाकी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। उन्होंने बताया कि संबंधित एजेंसी द्वारा मकानों को अब तक प्रशासन को हैंडओवर नहीं किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया अटक गई है। उन्होंने इस देरी को सामान्य नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इससे लोगों का भरोसा टूट रहा है।
6 मई को गृह प्रवेश की तैयारी, विधायक ने दिया आश्वासन
लाभार्थियों ने बताया कि 6 मई को गृह प्रवेश के लिए शुभ दिन माना जा रहा है और वे हर हाल में उस दिन अपने घर में प्रवेश करना चाहते हैं। इस पर सरयू राय ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे और समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि लोग उस दिन गृह प्रवेश करते हैं, तो वे अपनी ओर से पूजा-पाठ और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराएंगे, ताकि लोगों का सपना अधूरा न रह जाए।
मकानों की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है, जहां लाभार्थियों ने मकानों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जो फ्लैट तैयार हो चुके हैं, उनमें अभी से दरारें और टूट-फूट दिखाई देने लगी है। सरयू राय ने भी इस पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह की स्थिति बेहद चिंताजनक है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब लोग वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं, तो उन्हें मजबूत और सुरक्षित मकान मिलना चाहिए, न कि ऐसी इमारतें जिन पर शुरुआत से ही सवाल खड़े हो रहे हों।