Potka News : आदिवासी छात्रों की शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जमीनी हकीकत कितनी बदहाल है, इसका खुलासा पोटका के विधायक संजीव सरदार के औचक निरीक्षण में हुआ।
शुक्रवार सुबह गवालकाटा पंचायत के सबरनगर स्थित राजकीय अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय पहुंचे विधायक ने पाया कि 248 छात्र बेहद खराब परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। हालात देखकर वे भावुक और आक्रोशित नजर आए और प्रधानाध्यापक शशिकांत पाठक व सुपरिटेंडेंट हेमंत कुमार को कड़ी फटकार लगाते हुए सात दिनों में सुधार का निर्देश दिया।
मेन्यू के अनुसार नहीं मिल रहा भोजन, बच्चों ने खुद बताई सच्चाई
निरीक्षण के दौरान नाश्ते के समय बच्चों को तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था। छात्रों ने खुद आगे आकर विधायक को पूरे परिसर का दौरा कराया और अव्यवस्थाओं की पोल खोल दी। शिकायतों से साफ हुआ कि कागजों में दिख रही सुविधाएं जमीनी स्तर पर पूरी तरह नदारद हैं। दूध में पानी मिलाने, घटिया तेल के इस्तेमाल और नाश्ते में निर्धारित खाद्य पदार्थ न देने की बात भी सामने आई।
गंदगी, बिजली-पानी की कमी और सुविधाओं का अभाव, सात दिन में सुधार का अल्टीमेटम
हॉस्टल और शौचालयों की स्थिति बेहद खराब पाई गई। गंदगी, दुर्गंध, पंखे-लाइट की कमी और साफ पानी के अभाव में छात्र बीमारी के खतरे में जी रहे हैं। विद्यालय में छह साल से जेनरेटर खराब पड़ा है और खेल सामग्री तक उपलब्ध नहीं है। निरीक्षण के बाद विधायक ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए अधिकारियों को सात दिन के भीतर सुधार करने का अल्टीमेटम दिया और चेतावनी दी कि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की जाएगी और छह महीने में हालात बदलने की दिशा में खुद निगरानी करेंगे।