National Politics: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ ने एक साथ पंजाब और पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बड़ा हमला बोला है. पंजाब में राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर उन्होंने भगवंत मान सरकार को घेरा, तो वहीं बंगाल चुनाव के बीच ममता बनर्जी पर भी जमकर निशाना साधा.
पंजाब में FIR पर घमासान, “सरकार बदले की भावना से काम कर रही है”
पंजाब में आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद संदीप पाठक के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें गैर-जमानती धाराएं भी शामिल हैं. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा नेता तरुण चुघ ने पंजाब सरकार पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भगवंत मन की सरकार पूरी तरह “बदले की राजनीति” पर उतर आई है. उनके मुताबिक, राज्य में AAP सरकार जनता का भरोसा खो चुकी है और इसी हताशा में इस तरह की कार्रवाई की जा रही है. चुघ ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ रहा है और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाकर माहौल को भटकाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस कभी भी संदीप पाठक को गिरफ्तार कर सकती है, जो इस मामले को और गंभीर बनाता है.
बंगाल चुनाव पर भी वार, हार का डर, इसलिए EVM पर सवाल
पंजाब के मुद्दे के साथ-साथ तरुण चुघ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि चुनाव के बीच EVM से छेड़छाड़ के आरोप लगाना दरअसल हार के डर का संकेत है. चुघ के मुताबिक, TMC और ममता बनर्जी पहले ही समझ चुकी हैं कि जनता ने उन्हें नकार दिया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “अगर जीत मिली तो सब ठीक, और हार हुई तो EVM पर आरोप,यह कौन सा फॉर्मूला है?” चुघ ने याद दिलाया कि इसी चुनाव आयोग और EVM के जरिए ममता बनर्जी तीन बार मुख्यमंत्री बनी हैं, ऐसे में अब उन पर सवाल उठाना “दोहरा मापदंड” है.
4 तारीख को सब साफ हो जाएगा, BJP का भरोसा
तरुण चुघ ने दावा किया कि चुनाव नतीजों के दिन तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी. उन्होंने कहा कि 4 तारीख के बाद ममता बनर्जी का राजनीतिक अध्याय इतिहास बन जाएगा. उनके अनुसार, फिलहाल जो बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, वह सिर्फ अपनी गिरती साख को बचाने की कोशिश है.
तरुण चुघ के इन बयानों से साफ है कि BJP ने पंजाब और पश्चिम बंगाल-दोनों ही मोर्चों पर आक्रामक रुख अपनाया है. एक तरफ पंजाब में FIR को लेकर सियासी घमासान तेज है, तो दूसरी तरफ बंगाल चुनाव के बीच EVM को लेकर बयानबाजी ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है. आने वाले दिनों में इन दोनों मुद्दों पर राजनीति और तेज होने के संकेत हैं.