Adityapur: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 15 स्थित निर्मल नगर में वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। नालियों का निर्माण नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में गंदा पानी सीधे लोगों के घरों में घुस रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तक घर से बाहर निकलने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। पूरे इलाके में जलजमाव और गंदगी के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, बीमारी का बढ़ा खतरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम को लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। नालियों के अभाव में जमा गंदा पानी बदबू फैला रहा है, जिससे आसपास का वातावरण दूषित हो गया है। इसके साथ ही मच्छरों और बैक्टीरिया के पनपने से डेंगू, मलेरिया और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण उन्हें लगातार स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
खुद नाली बनाने को मजबूर लोग, निगम पर लापरवाही का आरोप
निर्मल नगर के कुछ हिस्सों में स्थानीय लोगों ने अपनी समस्या से तंग आकर खुद ही नालियों का निर्माण कराया है। निवासियों का कहना है कि नगर निगम नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स वसूलता है, लेकिन विकास कार्यों के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आता। बरसात से पहले न तो नालियों की सफाई की गई और न ही नई नालियों का निर्माण हुआ, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों से मांगा हिसाब, दी चेतावनी
गुस्साए स्थानीय लोगों ने मेयर, डिप्टी मेयर, पार्षद और नगर आयुक्त से जवाब मांगा है कि आखिर निर्मल नगर से वसूले गए टैक्स का उपयोग कहां हो रहा है। लोगों का कहना है कि जब इलाके में न सड़क है, न नाली और न ही सफाई की व्यवस्था, तो फिर टैक्स किस बात का लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे और आने वाले समय में जनप्रतिनिधियों को जनता के सवालों का सामना करना पड़ेगा।